
चंदौली। चकिया कोतवाली क्षेत्र के शिकारगंज स्थित उच्चहरा मोड़ पर बुधवार देर शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया। चकिया की ओर से आ रहा तेज रफ्तार ट्रेलर सड़क किनारे स्थित चाय-पान की गुमटी को रौंदते हुए गहरी नहर में जा गिरा। हादसे के बाद से गुमटी संचालक लापता है। आशंका जताई जा रही है कि वह ट्रेलर या गुमटी के मलबे के नीचे दब गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन व जेसीबी की मदद से राहत एवं तलाश अभियान शुरू कराया। अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं।
अनियंत्रित होकर गुमटी से टकराया ट्रेलर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रेलर संख्या UP 78 HN 0148 चकिया की तरफ से आ रहा था। शिकारगंज बाजार के पास उच्चहरा मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद ट्रेलर सड़क किनारे लगी चाय-पान की गुमटी में जोरदार टक्कर मारते हुए उसे घसीटकर नहर में जा गिरा। टक्कर इतनी तेज थी कि गुमटी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। वहां गुमटी का मलबा और ट्रेलर नहर में दिखाई दिया, लेकिन दुकानदार का पता नहीं चल सका। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उसके वाहन और मलबे के नीचे दबे होने की आशंका जताई। दुकानदार के लापता होने की खबर से परिजनों में चिंता का माहौल है।
क्रेन और जेसीबी से तलाश, मौके पर जुटी भीड़
घटना की जानकारी मिलने पर शिकारगंज चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ट्रेलर को हटाने और लापता दुकानदार की तलाश के लिए क्रेन और जेसीबी की मदद ली गई। अंधेरा होने से राहत कार्य में बाधा आ रही थी। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। दुकानदार की स्थिति को लेकर लोगों में बेचैनी बनी हुई है।
प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर सवाल
हादसे के बाद ग्रामीणों ने शिकारगंज-उच्चहरा मार्ग पर भारी वाहनों के आवागमन को लेकर नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह मार्ग भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित है, इसके बावजूद ट्रक, ट्रेलर और डंपर यहां से गुजरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर पहले भी शिकायतें की गईं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
लोगों ने सवाल उठाया कि प्रतिबंध के बावजूद भारी वाहन इस मार्ग पर कैसे पहुंच रहे हैं और उनकी नियमित जांच क्यों नहीं होती। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। लापता दुकानदार की तलाश जारी है। उसकी बरामदगी और जांच के बाद ही हादसे की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

