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Chandauli News: आंधी-तूफान का कहर, दर्जनों बिजली पोल टूटे, मकानों के छज्जे उड़े, पेड़ धराशायी

चंदौली। मंगलवार देर रात आई तेज आंधी और तूफान ने चहनिया क्षेत्र में व्यापक तबाही मचाई। तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर विद्युत पोल पेड़ों की डालियों की तरह टूटकर जमीन पर गिर गए, जिससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई और आवागमन भी प्रभावित हुआ। बुधवार सुबह स्थानीय लोगों ने स्वयं पहल करते हुए गिरे हुए तारों और पोलों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराया।

भलेहटा गांव के समीप नवोदय विद्यालय जाने वाले मार्ग पर आधा दर्जन से अधिक विद्युत पोल तेज हवा का दबाव सहन नहीं कर सके और टूटकर गिर पड़े। हैरानी की बात यह रही कि जहां पोल गिरे, वहां आसपास कोई पेड़ भी नहीं था, जिससे पोल गिरने का कारण केवल आंधी नहीं बल्कि उनकी गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत विभाग द्वारा कराए गए कार्यों में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई गंभीर तथ्य सामने आ सकते हैं। समाचार लिखे जाने तक क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी।

वहीं, आंधी-तूफान के कारण कई घरों के छप्पर और टीनशेड उड़ गए। अनेक मकानों पर लगे सोलर पैनल भी क्षतिग्रस्त हो गए। तेज हवाओं से कई बड़े पेड़ धराशायी हो गए, जिससे कई गोमती और मकानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। गणेश खरवार के मकान पर एक विशाल नीम का पेड़ गिर गया, जिससे मकान की दीवारें जर्जर हो गईं और घर में सो रहा परिवार मलबे में दब गया। हालांकि परिजनों की सतर्कता के कारण सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और बड़ा हादसा टल गया। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने वर्षों पहले इस पेड़ को हटाने की मांग प्रशासन से की थी। आदेश जारी होने के बावजूद पेड़ नहीं हटाया गया, जिसके कारण यह घटना हुई। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।

 

इसी प्रकार डॉ. चौहान के आठ सागौन, तीन आम और दो जामुन के पेड़ आंधी में गिर गए, जबकि उनका टीनशेड भी क्षतिग्रस्त हो गया। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर उचित सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

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