
चंदौली। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति और शिक्षा व्यवस्था की हकीकत परखने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार ने गुरुवार को नियामताबाद विकासखंड स्थित कंपोजिट विद्यालय हिनौली का औचक निरीक्षण किया। सुबह करीब 8:45 बजे अचानक पहुंचे बीएसए को देखकर विद्यालय में हलचल मच गई। निरीक्षण के दौरान चार शिक्षक बिना पूर्व सूचना और स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित मिले। मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएसए ने चारों शिक्षकों का निरीक्षण तिथि का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

बीएसए ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों की समयबद्ध उपस्थिति और अनुशासन से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। शिक्षकों की लापरवाही का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर पड़ता है।
उन्होंने बताया कि अनुपस्थित पाए गए शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बीएसए ने स्पष्ट किया कि जिले के अन्य परिषदीय विद्यालयों में भी इसी तरह आकस्मिक निरीक्षण किए जाएंगे। ड्यूटी में लापरवाही मिलने पर संबंधित शिक्षक और कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।

निरीक्षण के दौरान बीएसए ने विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था के साथ शैक्षणिक गतिविधियों का भी जायजा लिया। वह कक्षाओं में पहुंचे और बच्चों से सीधे संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाया तथा पाठ्यक्रम से जुड़े सवाल पूछकर उनके शैक्षणिक स्तर की जानकारी ली। बच्चों के उत्तर सुनकर उन्होंने शिक्षण व्यवस्था में आवश्यक सुधार पर भी जोर दिया।
इसके अलावा बीएसए ने विद्यालय में साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की उपस्थिति पंजिका की जांच की। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने और बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बीएसए सचिन कुमार ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक बच्चे को बेहतर शिक्षा और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाना जरूरी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

