
वाराणसी। नरेन्द्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए ‘नारी शक्ति’ को नए भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया। अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने “नमः पार्वती पतये, हर-हर महादेव” के उद्घोष से की और माताओं, बहनों व बेटियों को प्रणाम करते हुए काशी की आध्यात्मिक महिमा का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी माता श्रृंगार गौरी, माता अन्नपूर्णा, माता विशालाक्षी, माता संकठा और मां गंगा की दिव्य शक्ति से संपन्न भूमि है। उन्होंने कहा कि बहनों-बेटियों का यह विशाल समागम इस अवसर को और अधिक दिव्य बना रहा है। उन्होंने काशी की महिलाओं को नमन करते हुए इसे नारी शक्ति के वंदन और विकास का उत्सव बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस दौरान हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है, जो काशी के विकास को नई गति देंगे। उन्होंने अमृत भारत ट्रेनों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और मुंबई से अयोध्या व काशी आने वाले श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधा मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए कहा कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू कराना उनका बड़ा लक्ष्य है। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कारण यह प्रयास संसद में सफल नहीं हो पाया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

प्रधानमंत्री ने अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि पहले बहनों-बेटियों को समाज में कई तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ता था। उन्हें निर्णय लेने का अधिकार नहीं दिया जाता था और उनकी क्षमताओं पर सवाल उठाए जाते थे। उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल काशी की नहीं, बल्कि पूरे देश की रही है।
उन्होंने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं शुरू कीं। इसके बाद केंद्र सरकार बनने पर महिला कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि देश में करोड़ों शौचालयों का निर्माण, बिजली कनेक्शन और नल से जल पहुंचाने जैसी योजनाओं से महिलाओं का जीवन बदला है।
प्रधानमंत्री ने सुकन्या समृद्धि योजना, मुद्रा योजना, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं से महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि आज अधिकतर घर महिलाओं के नाम पर हैं, जिससे उनका सम्मान बढ़ा है।

महिला सुरक्षा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हालात बदले हैं और अब महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को सख्त सजा मिल रही है। महिला थानों और परामर्श केंद्रों का विस्तार भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक सशक्तिकरण से महिलाओं की आवाज मजबूत होती है और आज तीन करोड़ से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। उन्होंने काशी की महिलाओं को डेयरी और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि परिवारवादी और तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले दल नारी शक्ति से डरते हैं और महिलाओं को राजनीति में आगे नहीं आने देना चाहते। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में महिलाओं ने रिकॉर्ड मतदान कर इसका जवाब देना शुरू कर दिया है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री के विजन की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में नया भारत उभर रहा है। उन्होंने कहा कि काशी का तेजी से विकास हुआ है और यह अब वैश्विक स्तर पर आकर्षण का केंद्र बन गई है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर प्रधानमंत्री की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की जीवंत चेतना है और यहां से देश को नई दिशा मिलती है।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम” और “हर-हर महादेव” के उद्घोष के साथ अपने संबोधन का समापन किया। यह सम्मेलन न केवल नारी शक्ति के सम्मान का मंच बना, बल्कि महिला सशक्तिकरण और विकास के व्यापक संदेश के साथ राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण साबित हुआ।

