
संवाददाता – बाबू चौहान
चंदौली। चंदौली ब्लॉक के सवैया महलवार गांव की हरिजन बस्ती में जलनिकासी की समस्या एक बार फिर गंभीर होती जा रही है। बारिश के बाद तालाब का पानी अब दोबारा घरों में घुसने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि 11 सितंबर को शिकायत के बाद एसडीएम चंदौली ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को नाले की सफाई कराकर जलनिकासी का स्थायी समाधान कराने का निर्देश दिया था, लेकिन 25 सितंबर तक मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
गांव में जलनिकासी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बरसात के दिनों में तालाब का जलस्तर बढ़ने के बाद पानी आसपास के घरों तक पहुंच जाता है। इस बार भी लालता प्रसाद, कैलाश राम, रविंद्र, लाल बहादुर प्रसाद, फूल कुवर देवी, ललता राम, शकुंतला देवी और सविता समेत कई ग्रामीणों के घरों और आसपास जलभराव की स्थिति बन चुकी है। पानी भरने से आवागमन के साथ रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।

एसडीएम के निर्देश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों ने 11 सितंबर को एसडीएम से शिकायत कर जलनिकासी की समस्या से अवगत कराया था। मामले का संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने बीडीओ को नाले की सफाई कराने और समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द राहत मिलेगी, लेकिन 14 दिन बीतने के बाद भी स्थिति में बदलाव नहीं आया।
नाला पटने से बाधित है पानी की निकासी
ग्रामीणों के अनुसार गांव का बरसाती पानी तालाब में पहुंचता है, लेकिन तालाब से पानी बाहर निकलने की समुचित व्यवस्था नहीं है। तालाब से निकासी के लिए बना नाला वर्तमान में पट चुका है। इसके अलावा सिंचाई विभाग की नालेनुमा नहर भी लंबे समय से बंद पड़ी है। सफाई नहीं होने के कारण पानी की निकासी बाधित है। ग्रामीणों का कहना है कि नाले और नहर की सफाई कराकर निकासी मार्ग खोल दिया जाए तो समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।

शिकायतों के बाद भी नहीं मिली राहत
ग्रामीणों ने पहले ग्राम प्रधान से शिकायत की। इसके बाद मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के बाद सचिव ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन समस्या बनी रही। बारिश के बीच दोबारा जलभराव का खतरा बढ़ने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने तालाब, पटे नाले और बंद नहर की तत्काल सफाई कराने तथा स्थायी जलनिकासी व्यवस्था बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि हर वर्ष बारिश में होने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान अब जरूरी है।

