
चंदौली। संभावित बाढ़ से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में वर्ष 2026-27 की बाढ़ प्रबंधन योजना के तहत जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में स्टीयरिंग ग्रुप की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की तैयारियों का विस्तृत आकलन किया गया और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्री-मानसून गतिविधियों को हर हाल में समय से पूरा किया जाए। विशेष रूप से तटबंधों की मजबूती, कटाव-रोधी कार्यों और नहरों की सिल्ट सफाई को प्राथमिकता देने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील तटबंधों का पूर्व निरीक्षण कर उनकी मरम्मत समय रहते पूरी कर ली जाए।
बैठक में अधिशासी अभियंता चंद्र प्रभा ने चंद्रप्रभा, गढ़ई नदी, गुरैनी और भोका बंधी सहित अन्य तटबंधों की स्थिति और बाढ़ संभावित क्षेत्रों की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने पिछले वर्ष बाढ़ से प्रभावित गांवों और तटबंधों की समीक्षा करते हुए इस बार बेहतर तैयारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने चंद्र प्रभा परियोजना, सिंचाई विभाग, चिकित्सा विभाग, पशुपालन, पंचायती राज, कृषि, विद्युत, लोक निर्माण विभाग और शिक्षा विभाग सहित सभी विभागों की जिम्मेदारियों की क्रमवार समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रेनेज सिस्टम की समय से सफाई कराई जाए, ताकि जलभराव की समस्या से बचा जा सके। साथ ही नहरों और जल निकासी मार्गों से सिल्ट हटाने के कार्य का सत्यापन भी सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने मनरेगा के तहत भी ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक कार्य कराने पर बल दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ बचाव से जुड़े सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ से निपटने के लिए आवश्यक सामग्रियों की खरीद हेतु सभी टेंडर प्रक्रियाएं 15 जून से पहले पूरी कर ली जाएं, ताकि समय पर संसाधन उपलब्ध हो सकें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी बी. शिव शंकर, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विकास अधिकारी, डीसी मनरेगा, आपदा विशेषज्ञ, जिला कृषि अधिकारी सहित नगर निकायों के अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।

