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Chandauli News: रात के अंधेरे में मिट्टी खनन पर उठे सवाल, जेसीबी और ओवरलोड ट्रैक्टरों की आवाजाही से सड़कों का निकल रहा कचूमर

चंदौली। शहाबगंज थाना क्षेत्र के भोड़सर स्थित कर्मनाशा नदी के पास रात के समय जेसीबी मशीनों से हो रही मिट्टी की खुदाई और ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रालियों के संचालन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले लगभग एक सप्ताह से पूरी रात जेसीबी मशीनें लगातार मिट्टी की खुदाई कर रही हैं और सुबह करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच काम बंद कर दिया जाता है। इससे न केवल गांव की सड़कें प्रभावित हो रही हैं, बल्कि बरसात के मौसम में दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, खुदाई के दौरान यूपी-67 बीटी-4493 नंबर की जेसीबी मशीन का उपयोग किया जा रहा है। उनका दावा है कि खुदाई की गई मिट्टी को भोड़सर, मसोई, भूसी समेत आसपास के कई गांवों में ट्रैक्टर-ट्रालियों के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि यह कार्य कृषि प्रयोजन के लिए किया जा रहा है तो मिट्टी का व्यावसायिक परिवहन और बिक्री किस नियम के तहत की जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि रात भर दर्जनों ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रालियां गांव के संपर्क मार्गों से गुजरती हैं। ट्रालियों से सड़क पर गिर रही मिट्टी के कारण मार्ग फिसलनभरे हो गए हैं। बरसात के दौरान दोपहिया और चारपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा बना हुआ है। लगातार भारी वाहनों की आवाजाही से ग्रामीण सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका भी जताई जा रही है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी भूसी और आसपास के क्षेत्रों में जेसीबी से मिट्टी की खुदाई के मामले सामने आए थे, लेकिन प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि इस बार भी कई दिनों से रात के समय लगातार खुदाई जारी है, बावजूद इसके जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

इस संबंध में शहाबगंज थाना प्रभारी कृपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मिट्टी कृषि कार्य के लिए ले जाई जा रही है तथा इसके लिए आवश्यक परमिट उपलब्ध है। हालांकि इस बयान के बाद भी स्थानीय लोगों के मन में कई सवाल बने हुए हैं। उनका कहना है कि यदि कार्य पूरी तरह नियमों के अनुरूप है तो रात में ही खुदाई क्यों की जा रही है और मिट्टी विभिन्न स्थानों पर पहुंचाए जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की जा रही है।

वहीं, एसडीएम चकिया पवन कुमार यादव ने बताया कि मामले से संबंधित फोटो और वीडियो प्राप्त हुए हैं तथा पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं यदि खुदाई और परिवहन पूरी तरह वैध पाए जाते हैं, तो प्रशासन से यह अपेक्षा भी रहेगी कि वह रात में हो रहे कार्य, ओवरलोड वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा संबंधी उठ रहे सवालों पर स्पष्ट स्थिति सार्वजनिक करे।

 

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