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Health News: गाल ब्लैडर स्टोन को न करें अनदेखा, बन सकता है कैंसर का कारण, चंदौली में तेजी से बढ़ रही यह समस्या, डाक्टर की सुनिए

आईएमएस बीएचयू और गवर्नमेंट सीएमसी कोलकाता जैसे संस्थानों से जुड़े रहे एमएबीबीएस कंसल्टेंट इंडो जीआई लैप्रोस्कोपी सर्जन डा. वेद प्रकाश ने बताया कि समय रहते गाल ब्लैडर स्टोन का इलाज करा लेना चाहिए। कुछ लोग दावा करते हैं कि यह दवा से गल जाता है जो बिल्कुल गलत है। आपरेशन इसका एकमात्र विकल्प है।
  • गाल ब्लैडर स्टोन को न करें अनदेखा, बन सकता है कैंसर का कारण
  • चंदौली में तेजी से बढ़ रही गाल ब्लैडर स्टोन की समस्या
  • चिकित्सक की सलाह सही समय पर कराएं आपरेशन

चंदौली। गॉल ब्लैडर स्टोन का पहला ही लक्षण यह है कि अचानक पेट में बहुत तेज दर्द होता है जो बार-बार करता है। यदि आप के साथ भी ऐसा हो रहा है तो इसे नजरअंदाज न करें। बहुत दिनों तक गॉल ब्लैडर स्टोन होने पर शरीर में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। कई मामलों में गॉल ब्लैडर में कैंसर भी होने की आशंका रहती है। चंदौली स्थित वेदांता हास्पिटल के चिकित्सक कुशल सर्जन डा. वेद प्रकाश उपाध्याय की माने तो गंगा से जुड़ा क्षेत्र होने के कारण चंदौली में यह समस्या काफी देखी जा रही है। पुरुषों की तुलना मे महिलाएं इसका अधिक शिकार हो रही हैं। ऐसे मे आपरेशन ही एकमात्र विकल्प है।

 

आईएमएस बीएचयू और गवर्नमेंट सीएमसी कोलकाता जैसे संस्थानों से जुड़े रहे एमएबीबीएस कंसल्टेंट इंडो जीआई लैप्रोस्कोपी सर्जन डा. वेद प्रकाश ने बताया कि समय रहते गाल ब्लैडर स्टोन का इलाज करा लेना चाहिए। कुछ लोग दावा करते हैं कि यह दवा से गल जाता है जो बिल्कुल गलत है। आपरेशन इसका एकमात्र विकल्प है। दरअसल, गॉल ब्लैडर का मुख्य कार्य पित्त को जमा करना है। लेकिन कभी-कभी पित्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बहुत अधिक हो जाती है जिसके कारण गॉल-ब्लैडर स्टोन की समस्या होती है। इसके अलावा कैल्शियम या बिलीरूबिन की ज्यादा मात्रा भी इसमें आकर जमा होने लगती है। इस प्रक्रिया के दौरान भी गॉल ब्लैडर स्टोन हो सकता है। बदली जीवनशैली में गाल ब्लैडर (पित्त की थैली की पथरी) में स्टोन का बनना आम समस्या है। पुरुषों की तुलना में यह बीमारी महिलाओं में अधिक होती है। अध्ययनों के मुताबिक इसके बनने की वजह पाचक रस का ज्यादा समय तक गाल ब्लैडर में रुके रहना, समय पर भोजन न करना, कोलेस्ट्राल का न घुल पाना है। इनकी वजह से गाल ब्लैडर का सिकुड़ना बंद हो जाता है और धीरे-धीरे पाचक रस स्टोन के रूप में विकसित हो जाता है। डा. वेद प्रकाश ने बताया कि अधिक मात्रा में तेल, रिफाइंड आयल, चीनी का सेवन और जेनेरिक डिसआर्डर भी इसका प्रमुख कारण है। बताया कि वेदांता हास्पिटल में गाल ब्लैडर स्टोन की दूरबिन विधि से आपरेशन की सबसे अच्छी सुविधा उपलब्ध है।

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