
चंदौली। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को मुगलसराय में आदिवासी समाज की ओर से भव्य जुलूस निकाला गया। चकिया त्रिमुहानी से शुरू हुआ जुलूस नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए सुभाष पार्क पहुंचा, जहां सभा का आयोजन किया गया। जुलूस में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर हाथों में तीर-धनुष लेकर अपनी संस्कृति और परंपरा की झलक प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह के प्रतिनिधि बबलू सिंह और विधायक प्रभु नारायण यादव ने आदिवासी ध्वज दिखाकर जुलूस को रवाना किया। कार्यक्रम का नेतृत्व अधिवक्ता विजय गोंड, समाजवादी अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव ने किया। सुभाष पार्क में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, वनाधिकार कानून और आरक्षण से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के वन क्षेत्रों में रहने वाले गोंड, खरवार, चेरो और पनिका समेत अन्य जनजातीय समुदायों को वनाधिकार कानून के तहत भूमि का अधिकार देने की मांग की।
इस दौरान 1857 की क्रांति तथा जल, जंगल और जमीन की लड़ाई में बलिदान देने वाले आदिवासी महापुरुषों और वीरांगनाओं को श्रद्धांजलि दी गई। भगवान बिरसा मुंडा, गोंड राजा शंकरशाह व रघुनाथ शाह, महारानी दुर्गावती, टांटया मामा भील, पितांबर खरवार, नीलांबर खरवार और गोंड राजा बख्त बुलंद शाह के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।
सभा में सरकार के समक्ष नौ सूत्रीय मांगें रखी गईं। इनमें चंदौली का नाम महारानी दुर्गावती के नाम पर रखने, धानापुर शहीद उद्यान में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाएं स्थापित करने, उत्तर प्रदेश में अलग अनुसूचित जनजाति आयोग और वित्त विभाग गठित करने की मांग शामिल रही। इसके अलावा दिलकुशा गेस्ट हाउस स्थित गोंडवाना राज्य चिन्ह के संरक्षण और जीर्णोद्धार, चंदौली में जनजाति संग्रहालय तथा गोंड राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथ शाह के नाम पर आदिवासी विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग भी उठी।
वक्ताओं ने आदिवासी समाज पर हो रहे अत्याचारों पर रोक लगाने और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 में अनुसूचित जनजाति वर्ग को प्रदेश स्तर पर दो प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने की मांग भी की। कार्यक्रम में पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, बृजेश गोंड, अतुल गोंड, सीपी खरवार, टोनी खरवार, पंकज गोंड, छाया गोंड, संतोष गोंड, गुलाब गोंड, रमापति गोंड, पिंटू बाबा, संजीव गोंड, कांता गोंड, शैलेश गोंड, लक्ष्मण गोंड, मुन्ना गोंड, पन्ना गोंड, उपेंद्र गोंड और प्रतीक गोंड समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

