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Chandauli News: जमानत पर जेल से छूटते ही फायरिंग कर पुलिस को दी थी चुनौती, दूसरे दिन दबोचा गया, तमंचा-कारतूस और मोबाइल बरामद

चंदौली। अलीनगर थाना क्षेत्र के रेवसा गांव में पुरानी रंजिश को लेकर युवक की लाठी-डंडों से पिटाई और जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायरिंग की घटना के दूसरे दिन ही मंगलवार को पुलिस ने आरोपी भोला भारती को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ पहले से भी पांच मुकदमे दर्ज हैं। भोला जमानत पर जेल से रिहा होकर घर आया था। उसके बाद उसने आपराधिक घटना को अंजाम देकर पुलिस के लिए चुनौती पेश कर दी थी।

 

पुलिस के अनुसार, दो नवंबर को दोपहर करीब एक बजे रेवसा स्थित एसआरबीएस स्कूल के पास पुरानी रंजिश को लेकर भोला भारती उर्फ करन और उसके साथियों ने मोहम्मद सुफियान के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद लाठी-डंडों से उसकी पिटाई की गई। आरोप है कि सुफियान ने जान बचाने के लिए भागने का प्रयास किया तो भोला ने तमंचे से उस पर फायर कर दिया। हालांकि, गोली लगने से वह बाल-बाल बच गया। घटना के बाद पीड़ित की तहरीर पर अलीनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।

 

प्रभारी निरीक्षक गगन राज सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दो नवंबर की रात करीब 8:50 बजे कैली अंडरपास के पास घेराबंदी कर भोला भारती को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से तमंचा, कारतूस और दो मोबाइल फोन मिले।

 

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने घटना में शामिल होने की बात स्वीकार करते हुए अपने साथियों अमित यादव निवासी लौदा, मयंक यादव और विवेक कुमार निवासी रेवसा के नाम बताए। उसने बरामद तमंचे का इस्तेमाल घटना में करने की बात भी बताई है। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 की बढ़ोतरी की गई है।

 

पांच अन्य मुकदमे भी दर्ज

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ वर्ष 2025 और 2026 में अलीनगर थाने में मारपीट, धमकी और अन्य धाराओं में पांच मुकदमे पहले से दर्ज हैं। ताजा मामले सहित उसके खिलाफ कुल छह मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।

गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक गगन राज सिंह, उपनिरीक्षक राकेश सिंह, अनिल कुमार पासवान, हेड कांस्टेबल संतोष यादव तथा कांस्टेबल रितिक तिवारी और सर्वजीत सिंह गौतम शामिल रहे।

 

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