
चंदौली। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुपुक्टा) के आह्वान पर सोमवार को सकलडीहा पीजी कॉलेज के शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर शासन के प्रति नाराजगी जताई। यह विरोध प्रदेशव्यापी आंदोलन के प्रथम चरण के तहत दो से चार नवंबर तक तीन दिनों तक चलेगा। इसमें महाविद्यालय के अनुदानित और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में कार्यरत शिक्षकों ने एकजुट होकर भाग लिया।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के अध्यापकों की लंबे समय से लंबित समस्याओं की ओर शासन का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए आंदोलन शुरू किया गया है। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने और शैक्षणिक वातावरण बेहतर करने के लिए शिक्षकों की सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान जरूरी है। मांगों की लगातार अनदेखी से शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है।
फुपुक्टा की 30 सूत्री मांगों में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने, चिकित्सकीय अवकाश की सुविधा देने और स्थानांतरण प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने की मांग प्रमुख है। इसके अलावा प्रोफेसर पदनाम अर्हता प्राप्त करने की तिथि से देने, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) से जुड़ी समस्याओं का निराकरण करने तथा शोध एवं शैक्षणिक संगोष्ठियों के आयोजन के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई।
शिक्षकों ने अनुदानित महाविद्यालयों में संचालित स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों को समाप्त कर उन्हें अनुदानित व्यवस्था के अंतर्गत लाने और वहां कार्यरत शिक्षकों को यूजीसी वेतनमान देने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि समान शैक्षणिक दायित्व निभाने वाले शिक्षकों के वेतन और सेवा शर्तों में असमानता नहीं होनी चाहिए।
इसके साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षकों के जीपीएफ भुगतान की समस्याओं का शीघ्र समाधान, महाविद्यालय के प्रोफेसरों को विश्वविद्यालय की विभिन्न प्राधिकारी परिषदों में प्रतिनिधित्व देने तथा परीक्षा पारिश्रमिक और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन से संबंधित यात्रा भत्ते का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।
शिक्षकों ने कहा कि उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, सम्मानजनक सेवा शर्तों और शैक्षणिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान आवश्यक है।
प्रदर्शन में शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रो. दयानिधि सिंह यादव, प्रो. इंद्रदेव सिंह, प्रो. महेंद्र प्रताप सिंह, प्रो. शमीम राईन, डॉ. राजेश यादव, डॉ. इंद्रजीत सिंह, डॉ. अजय यादव, डॉ. संदीप सिंह, डॉ. यज्ञनाथ, डॉ. सीता मिश्र, डॉ. जितेंद्र यादव, डॉ. श्यामलाल यादव, डॉ. वंदना, डॉ. अमन, डॉ. रजनीश गुप्त और डॉ. अनामिका सिंह सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

