
चंदौली। सहरोई गांव स्थित हनुमान मंदिर परिसर में रविवार को सात दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। पहले दिन कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरा मंदिर परिसर जय श्रीराम और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। कथा के दौरान शिव विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथा के प्रथम दिन कथावाचक पंडित नीरजानंद शास्त्री ने श्रीराम कथा की महिमा का वर्णन करते हुए भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग को विस्तार से सुनाया। उन्होंने कहा कि शिव विवाह केवल एक वैवाहिक प्रसंग नहीं, बल्कि त्याग, प्रेम, समर्पण और अटूट विश्वास का प्रतीक है। भगवान शिव का जीवन हमें सादगी, वैराग्य और समर्पण की सीख देता है। जैसे ही कथावाचक ने शिव बारात का प्रसंग सुनाया, श्रद्धालु भक्ति में सराबोर होकर भजन-कीर्तन पर झूमने लगे।
उन्होंने कहा कि जहां शिव हैं, वहां शक्ति का वास है और जहां श्रीराम हैं, वहां मर्यादा स्थापित होती है। मनुष्य को अपने जीवन में भगवान शिव जैसा त्याग और प्रभु श्रीराम जैसा आदर्श आचरण अपनाना चाहिए। धार्मिक कथाएं समाज में संस्कार, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम हैं।
इस धार्मिक आयोजन के मुख्य यजमान समाजसेवी राहुल मिश्रा हैं। उनके सहयोग से गांव में सामूहिक रूप से रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी राजकुमार यादव और संजू तिवारी उपस्थित रहे। मंच का संचालन महानंद मिश्रा ने किया।
आयोजन को सफल बनाने में सुशांत मिश्रा, रोहित, शुभम, उमेश, दिनेश, मोनू, अमित मिश्रा, अभिषेक सहित समस्त ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महिलाओं के बैठने की अलग व्यवस्था की गई थी। कथा के समापन पर आरती हुई और श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
मंदिर समिति के अनुसार, रामकथा आगामी सात दिनों तक प्रतिदिन शाम छह बजे से रात नौ बजे तक हनुमान मंदिर परिसर में होगी। इसमें भगवान श्रीराम के जन्म, सीता स्वयंवर, भरत मिलाप और हनुमान मिलन सहित विभिन्न दिव्य प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।

