
संवाददाता- बाबू चौहान
चंदौली। चकिया क्षेत्र स्थित नौसोपुर गांव में सम्राट पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा स्थापना के लिए समाजसेवी रामकेश चौहान द्वारा दो बिस्वा भूमि दान किए जाने पर सम्मान एवं प्रेरणा समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चौहान समाज के लोगों ने इस पहल को सामाजिक एकता, इतिहास संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी कदम बताते हुए रामकेश चौहान का अभिनंदन किया।
समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित सम्राट पृथ्वीराज चौहान शब्दभेदी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं युवा नेता पवन चौहान ने कहा कि समाज के इतिहास और महापुरुषों के सम्मान के लिए किया गया यह भूमि दान एक अनुकरणीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जैसे सूर्य अपनी रोशनी से संपूर्ण संसार को आलोकित करता है, उसी प्रकार रामकेश चौहान का यह योगदान समाज को नई दिशा देने वाला कार्य है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को अपने गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और वीर महापुरुषों से जोड़ने का माध्यम बनेगी।
पवन चौहान ने अपने संबोधन में युवाओं को सामाजिक और नैतिक मूल्यों का संदेश देते हुए कहा कि जीवन में सही संगति का बहुत महत्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से दूरी बनानी चाहिए जो युवाओं को नशे, जुए और अन्य बुराइयों की ओर ले जाते हैं। सच्चा मित्र वही होता है जो माता-पिता का सम्मान करना सिखाए, शिक्षा के प्रति प्रेरित करे और जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाए। उन्होंने युवाओं से समाज और राष्ट्र के निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में शमशेर चौहान (पहलवान) ने भी युवाओं को अनुशासन, परिश्रम, शिक्षा और समाज सेवा को जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसके जागरूक, शिक्षित और संस्कारी युवा होते हैं। यदि युवा अपने दायित्वों को समझकर आगे बढ़ें तो समाज के विकास की गति और तेज हो सकती है।
इस अवसर पर प्रद्युम चौहान, रोहित चौहान (फिटनेस), कैलाश चौहान, सुनील चौहान (पड़रिया) सहित अनेक समाजसेवियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। समारोह में चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, मुगलसराय तथा आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में चौहान समाज के लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान के शौर्य, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज में शिक्षा, संगठन, संस्कार और सामाजिक समरसता को और अधिक मजबूत किया जाएगा। समारोह पूरे समय उत्साह, सामाजिक एकता और गौरव के वातावरण से सराबोर रहा।
सम्राट पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा स्थापना के लिए भूमि दान करने वाले रामकेश चौहान का सम्मान
संवाददाता- बाबू चौहान
चंदौली। चकिया क्षेत्र स्थित नौसोपुर गांव में सम्राट पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा स्थापना के लिए समाजसेवी रामकेश चौहान द्वारा दो बिस्वा भूमि दान किए जाने पर सम्मान एवं प्रेरणा समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चौहान समाज के लोगों ने इस पहल को सामाजिक एकता, इतिहास संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी कदम बताते हुए रामकेश चौहान का अभिनंदन किया।
समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित सम्राट पृथ्वीराज चौहान शब्दभेदी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं युवा नेता पवन चौहान ने कहा कि समाज के इतिहास और महापुरुषों के सम्मान के लिए किया गया यह भूमि दान एक अनुकरणीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जैसे सूर्य अपनी रोशनी से संपूर्ण संसार को आलोकित करता है, उसी प्रकार रामकेश चौहान का यह योगदान समाज को नई दिशा देने वाला कार्य है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को अपने गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और वीर महापुरुषों से जोड़ने का माध्यम बनेगी।
पवन चौहान ने अपने संबोधन में युवाओं को सामाजिक और नैतिक मूल्यों का संदेश देते हुए कहा कि जीवन में सही संगति का बहुत महत्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से दूरी बनानी चाहिए जो युवाओं को नशे, जुए और अन्य बुराइयों की ओर ले जाते हैं। सच्चा मित्र वही होता है जो माता-पिता का सम्मान करना सिखाए, शिक्षा के प्रति प्रेरित करे और जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाए। उन्होंने युवाओं से समाज और राष्ट्र के निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में शमशेर चौहान (पहलवान) ने भी युवाओं को अनुशासन, परिश्रम, शिक्षा और समाज सेवा को जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसके जागरूक, शिक्षित और संस्कारी युवा होते हैं। यदि युवा अपने दायित्वों को समझकर आगे बढ़ें तो समाज के विकास की गति और तेज हो सकती है।
इस अवसर पर प्रद्युम चौहान, रोहित चौहान (फिटनेस), कैलाश चौहान, सुनील चौहान (पड़रिया) सहित अनेक समाजसेवियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। समारोह में चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, मुगलसराय तथा आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में चौहान समाज के लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान के शौर्य, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज में शिक्षा, संगठन, संस्कार और सामाजिक समरसता को और अधिक मजबूत किया जाएगा। समारोह पूरे समय उत्साह, सामाजिक एकता और गौरव के वातावरण से सराबोर रहा।

