
चंदौली। नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा में पास न होने से विपक्षी दलों के खिलाफ आक्रोश है। महिलाओं ने सोमवार को मुख्यालय पर राहुल गांधी और अखिलेश यादव का पुतला फूंककर विरोध जताया। वहीं जगदीश सराय स्थित मैक्सवेल नर्सिंग कॉलेज परिसर में आयोजित महिला जन आक्रोश सम्मेलन में विपक्ष पर निशाना साधा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री संजीव कुमार गौड़ ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह केवल 33 प्रतिशत आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को नेतृत्व, निर्णय क्षमता और राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका देने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने कहा कि लंबे समय से लंबित इस मांग को पूरा कर प्रधानमंत्री ने देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने का कार्य किया है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया। वहीं राज्यसभा सांसद साधना सिंह ने इसे “सशक्त नारी, सशक्त भारत” के संकल्प को साकार करने वाला बताया।
चकिया विधायक कैलाश आचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को धरातल पर उतारा जा रहा है, जिससे समाज के हर वर्ग को लाभ मिल रहा है, खासकर महिलाओं को।
सम्मेलन में जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छात्रबली सिंह, शिवराज सिंह, डॉ केएन पांडेय, जैनेंद्र कुमार, किरन शर्मा, गीता रानी, निधि तिवारी, रेनू सिंह सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

