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Chandauli News: घर पहुंचे लापता बच्चे, माता-पिता के झगड़े से आजिज आकर छोड़ा था घर, एसपी ने सीओ को दिए निर्देश, बीट अधिकारी हर हफ्ते लेंगे हालचाल

चंदौली। मुगलसराय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीन गुमशुदा नाबालिग बच्चों को सकुशल बरामद कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच के चलते बच्चों को सुरक्षित वापस लाया जा सका, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली। बच्चों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि माता-पिता के व्यवहार से आजीज आकर घर छोड़ा था। एसपी ने सीओ को माता-पिता को बुलाकर बात करने के निर्देश दिए हैं। वहीं बीट अधिकारी हर हफ्ते बच्चों के घर जाकर उनका हालचाल लेंगे।

 

14 अप्रैल को थाना मुगलसराय में कंकड़हिया नई बस्ती निवासी नवाब अली पुत्र शफीक ने सूचना दी कि उनकी नाबालिग पुत्री तथा उनके रिश्तेदार के दो अन्य नाबालिग बच्चे 13 अप्रैल को बेचूपुर स्थित सेंट डेवियर स्कूल जाने के बाद घर वापस नहीं लौटे। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक अनन्त चन्द्रशेखर तथा क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर अरुण कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में थाना मुगलसराय एवं स्वाट/सर्विलांस टीम को सक्रिय किया गया। थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया।

 

तकनीकी जांच के आधार पर बच्चों की लोकेशन जनपद गाजीपुर के कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मिश्र बाजार में प्राप्त हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर कपूर नगर, मिश्र बाजार से तीनों बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया। एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान सामने आया कि नाबालिग बालिका पारिवारिक विवाद से आहत होकर घर से चली गई थी। बताया गया कि उसके पिता द्वारा शराब पीकर विवाद करना और माता द्वारा मारपीट किए जाने से वह परेशान थी। उसी के साथ उसके घनिष्ठ संबंध होने के कारण अन्य दो बच्चे भी स्वेच्छा से उसके साथ चले गए थे।

 

उन्होंने बताया कि जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इस घटना में किसी प्रकार का अपहरण या बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता नहीं थी। बरामद बच्चों को नियमानुसार बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जहां उनके संरक्षण और अभिरक्षा को लेकर निर्णय लिया जाएगा। बालिका ने अपने नाना के साथ रहने की इच्छा जताई है, जिसे भी समिति के समक्ष रखा जाएगा।

एसपी ने संबंधित क्षेत्राधिकारी को निर्देशित किया कि बालिका के अभिभावकों को कड़ी चेतावनी दी जाए और भविष्य में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि बीट पुलिस अधिकारी नियमित रूप से बच्चों के घर जाकर उनकी स्थिति की निगरानी करें।

 

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