
चंदौली। शहाबगंज क्षेत्र के हड़ौरा रेगुलेटर पुल की जर्जर स्थिति को लेकर किसानों द्वारा उठाई गई आवाज का असर तेजी से देखने को मिला। किसान विकास मंच के प्रदर्शन के कुछ ही घंटों बाद प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आ गए। सिंचाई और आवागमन के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस पुल की खराब हालत को लेकर किसानों ने दिन में विरोध जताते हुए बड़े हादसे की आशंका व्यक्त की थी। किसानों ने मांग की थी कि बंधी डिवीजन और लोक निर्माण विभाग तत्काल कार्रवाई कर पुल की मरम्मत सुनिश्चित करें।
किसानों के आंदोलन के बाद शाम होते-होते सार्वजनिक निर्माण विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिशासी अभियंता कृष्ण कुमार और सहायक अभियंता पंकज खेमका ने पुल का निरीक्षण किया और तत्काल चेतावनी बोर्ड लगवाया। बोर्ड पर साफ शब्दों में लिखा गया कि पुल क्षतिग्रस्त है और भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन की इस तत्परता से क्षेत्रीय लोगों ने राहत की सांस ली।
उधर बंधी डिवीजन के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र, सहायक अभियंता मनोज सिंह और अवर अभियंता अजेश्वर सिंह ने भी तेजी दिखाते हुए क्षतिग्रस्त स्लैब को हटाने का कार्य शुरू कराया। विभागीय टीम ने नए पुल निर्माण की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी। साथ ही खिलची और खखड़ा ड्रेन की सफाई का कार्य जेसीबी मशीनों से लगातार कराया जा रहा है, जिससे किसानों में संतोष का माहौल है।
किसान विकास मंच के मंत्री राम अनंत पांडेय और संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने कई बार मौके का निरीक्षण कर कार्यों का जायजा लिया। राम अवध सिंह ने बंधी डिवीजन की टीम और अभियंता अजेश्वर सिंह की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया। वहीं राम अनंत पांडेय ने अधिकारियों से नए पुल की चौड़ाई बढ़ाने की मांग की, ताकि भविष्य में जाम और आवागमन की समस्या न हो।
इस दौरान किसान नेताओं ने किसानों को गैलन में डीजल उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। कार्यक्रम में राजीव सिंह, अमित यादव, इंद्रदेव यादव, प्रेमनाथ सिंह, दूधनाथ समेत कई किसान कार्यकर्ता मौजूद रहे।

