
चंदौली। पीडीडीयू नगर में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत प्राचीन काली माता मंदिर के पुराने ढांचे को हटाने के दौरान हुए हादसे में घायल एक मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई। जिला प्रशासन ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए पूरे मामले की जांच के लिए मजिस्ट्रेट समिति गठित कर दी है। साथ ही मृतक के परिजनों को शासन एवं कार्यदायी संस्था एप्को कंपनी की ओर से नियमानुसार मुआवजा और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
प्रशासन के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण कार्य के तहत प्राचीन काली माता मंदिर का विधि-विधान के साथ मंदिर समिति द्वारा 8 जुलाई 2026 को नए स्थान पर विस्थापन किया जा चुका था। इसके बाद संबंधित उप जिलाधिकारी, पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति की सहमति से 10 जुलाई की रात पुराने मंदिर के ढांचे को हटाने का निर्णय लिया गया। यह कार्य लोक निर्माण विभाग की निगरानी में अनुबंधित कंपनी एप्को द्वारा कराया जा रहा था।
बताया गया कि मंदिर परिसर के आसपास बैरिकेडिंग कर मशीनों की मदद से ढांचा हटाने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान एप्को कंपनी में कार्यरत मजदूर बलदेव यादव, निवासी ग्राम डाड़ी, मुगलसराय, बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे। तभी मंदिर के ऊपरी हिस्से का एक भाग अचानक नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया। वर्तमान में क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है।
जिला प्रशासन ने बताया कि यह जांच कराई जाएगी कि कार्यदायी संस्था या ठेकेदार की ओर से सुरक्षा मानकों के पालन में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या नहीं। इसके लिए मजिस्ट्रेट स्तर की जांच समिति गठित कर दी गई है। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली है। प्रशासन ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी द्वारा नियमानुसार मुआवजा राशि तत्काल स्वीकृत की जा रही है तथा पीड़ित परिवार को अन्य आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

