चंदौली। चकिया विद्युत उपकेंद्र के उतरौत फीडर से जुड़ी बिजली आपूर्ति एक बार फिर बाधित हो गई, जिससे दर्जनों गांवों में बिजली और पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया। इसहुल गांव में हाईटेंशन तार टूटने के बाद ग्रामीणों ने मरम्मत कार्य का विरोध शुरू कर दिया, जिसके चलते आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। हालांकि इसके पीछे बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही बताई जा रही है। पिछली बार तार टूटने पर लाइन डायवर्ट करने पर सहमति बनी थी, लेकिन विभाग की ओर से इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। इसके चलते इस बार मरम्मत काम कराना मुश्किल हो रहा है। विभाग की इस लापरवाही का खामियाजा झेलने के लिए दर्जनों गावों के लोग विवश हैं।
बिजली आपूर्ति ठप होने से क्षेत्र में घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धान की रोपाई और सिंचाई के महत्वपूर्ण समय में बिजली न मिलने से नलकूप बंद पड़े हैं, जिससे खेती प्रभावित होने लगी है। पेयजल आपूर्ति भी बाधित होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर तार टूटा है, वहां हाईटेंशन लाइन मकानों के बेहद करीब से गुजर रही है। इससे हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। उनका आरोप है कि करीब एक माह पहले भी इसी स्थान पर तार टूट गया था। उस समय बिजली विभाग के अधिकारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर लाइन को डायवर्ट करने का आश्वासन दिया था, लेकिन बिजली बहाल होते ही विभाग अपने वादे को भूल गया। इस बार ग्रामीणों ने केवल मरम्मत कर बिजली चालू करने का विरोध करते हुए इसे रोक दिया।
ग्रामीणों के विरोध के कारण बिजली विभाग फिलहाल कोई समाधान निकालने में सफल नहीं हो सका है। वहीं बिजली गुल रहने से आम जनजीवन प्रभावित हो गया है। क्षेत्र के तियरी, अंबर, डहियां, चंडीपुर, गौरी, उतरौत, देवतापुर, भभुआर, भरूहिया, नसरथा, भैसही, करेमुआ, घटमापुर, औड़ारी, सोता, बसनिया समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों के लिए गंभीर परेशानी खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही लाइन डायवर्ट कर सुरक्षित व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

