चंदौली। प्रदेश सरकार जहां शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति का दावा करती है, वहीं उतरौत फीडर की स्थिति इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही चकिया उपकेंद्र से जुड़े उतरौत फीडर पर अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हालात यह हैं कि पिछले 24 घंटे में बमुश्किल 6 से 7 घंटे ही बिजली आपूर्ति हो सकी। इससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों में रहने वाले उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आधे घंटे बिजली, डेढ़ घंटे कटौती का सिलसिला
स्थानीय लोगों के अनुसार बिजली आपूर्ति का हाल बेहद खराब है। आधे घंटे बिजली मिलने के बाद करीब डेढ़ घंटे की कटौती का क्रम लगातार जारी है। दिन हो या रात, आपूर्ति की कोई निश्चित समय-सारिणी नहीं है, जिससे लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
रोस्टरिंग और लोकल फाल्ट का हवाला
बिजली विभाग के स्थानीय अधिकारी और कर्मचारी इस अघोषित कटौती को रोस्टरिंग बता रहे हैं। वहीं कई बार लोकल फाल्ट का हवाला देकर घंटों बिजली बंद रखी जाती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि न तो समय की जानकारी दी जाती है और न ही समस्या का स्थायी समाधान किया जा रहा है।
गर्मी में बढ़ी परेशानी, रातों की नींद हराम
भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। दिन में तपिश और रात में उमस के कारण बिना बिजली रहना मुश्किल हो रहा है। पंखे और कूलर बंद रहने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। इस संबंध में एक्सईएन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। उपभोक्ताओं ने जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की मांग की है।

