
चंदौली। शहाबगंज ब्लॉक क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही बाढ़ निकासी, सिंचाई व्यवस्था और आवागमन की समस्याओं को लेकर किसानों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। किसान विकास मंच के बैनर तले किसानों और ग्रामीणों ने संगठन मंत्री राम अवध सिंह के नेतृत्व में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह को मांगपत्र सौंपकर क्षेत्र की जटिल समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। किसानों ने कहा कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो खेती-किसानी पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी।
संगठन मंत्री रामअवध सिंह ने बताया कि खिलची ड्रेन में अराजी चकिया, घोड़सारी और खिलची मौजा की बनाई गई पुठ्ठियों को गेट चैनल युक्त कराना अत्यंत आवश्यक है। उनका कहना था कि वर्तमान व्यवस्था के कारण बरसात के दिनों में पानी की निकासी नहीं हो पाती, जिससे खेतों में जलभराव हो जाता है और किसानों की फसलें बर्बाद हो जाती हैं। किसानों ने मांग की कि ड्रेन व्यवस्था को वैज्ञानिक तरीके से विकसित किया जाए, ताकि बाढ़ का पानी आसानी से निकल सके।
किसानों ने परमंदापुर के पश्चिम स्थित खखड़ा-परमंदापुर क्षेत्र में मजबूत रेगुलेटर निर्माण की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था काफी कमजोर है, जिससे धान और अन्य फसलों की खेती प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही बेन-धरौली नहर में सिंचाई और बाढ़ निकासी के लिए कुलावों की संख्या बढ़ाने तथा उनकी सही सेटिंग कराने की आवश्यकता बताई गई।
ग्रामीणों ने कहा कि बटौवा, खिलची, परमंदापुर और खखड़ा क्षेत्रों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से हर वर्ष किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। किसानों ने बेन-धरौली नहर मार्ग के चौड़ीकरण की मांग करते हुए कहा कि इससे किसानों को खेतों तक पहुंचने में सुविधा होगी और आवागमन भी सुगम बनेगा।
हड़ौरा रेगुलेटर पुल के पुनर्निर्माण की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। ग्रामीणों का कहना था कि पुल जर्जर होने के कारण करईल समेत कई गांवों के लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा खखड़ा ड्रेन पर स्थित रोहाखी रेगुलेटर के जीर्णोद्धार की मांग करते हुए किसानों ने कहा कि इसकी खराब स्थिति के कारण बरियारपुर, खिलची, खखड़ा, रोहाखी और बटौवा क्षेत्रों में हर साल बाढ़ का खतरा बना रहता है।
धरौली क्षेत्र में बेन-धरौली नहर पर मोटे ह्यूम पाइप लगाने की मांग भी किसानों ने रखी। उनका कहना था कि इससे बाढ़ और सिंचाई दोनों समस्याओं का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रबली सिंह ने किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि क्षेत्र के किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा और समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान विजय शंकर सिंह, दीनबंधु सिंह, बनारसी सिंह, कुलदीप सिंह, संजीव कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।

