
संवाददाता – बाबू चौहान
चंदौली। शहाबगंज विकासखंड क्षेत्र में चल रहे आदर्श नहर निर्माण कार्य को किसानों के विरोध के चलते रोकना पड़ा। किसान विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने बेन रजवाहा के बटौवा फाल पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई। किसानों ने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा किसानों की जरूरतों की अनदेखी की जा रही है, जिससे आने वाले समय में सिंचाई संकट गहरा सकता है।
किसानों के अनुसार बटौवा फाल पर विभाग की ओर से केवल छह इंच का सिंगल कुलावा लगाया जा रहा है, जबकि इसी नहर से बटौवा और खिलची गांव के करीब डेढ़ सौ बीघा कृषि भूमि की सिंचाई होती है। किसानों का कहना है कि इतने छोटे कुलावे से पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाएगा और आधे खेत भी सिंचित नहीं हो सकेंगे। इसी मांग को लेकर किसानों ने निर्माण कार्य तत्काल रुकवा दिया।
किसान विकास मंच के वक्ता ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि सिंचाई विभाग पुराने नक्शों का हवाला देकर पहले से लगे एक फुट चौड़े कुलावों को हटवा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर केवल कागजी प्रक्रिया के आधार पर काम कर रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छह इंच का कुलावा लगाया जाता है तो उसकी संख्या बढ़ाई जाए, अन्यथा किसान निर्माण कार्य नहीं होने देंगे।
संगठन मंत्री रामअवध सिंह ने कहा कि खेती की परिस्थितियां अब पूरी तरह बदल चुकी हैं। पहले की तुलना में आज किसानों को रबी और खरीफ दोनों फसलों के लिए अधिक पानी की जरूरत पड़ती है, लेकिन विभाग अब भी दशकों पुराने नक्शों और योजनाओं पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब समय के अनुसार कानून और संविधान में संशोधन हो सकते हैं तो सिंचाई विभाग को भी किसानों की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप अपनी योजनाओं में बदलाव करना चाहिए।
निरीक्षण और विरोध कार्यक्रम में ओमप्रकाश सिंह, श्यामलाल मौर्य, सुरेश कुमार, शमशेर बहादुर, राम अवध सिंह, वीरेंद्र सिंह, कमला मौर्य, लकड़ू पांडेय, धीरेंद्र सिंह सोमवंशी, दया राम, मिथिलेश कुमार सिंह और कैलाश नाथ सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

