
- बिजली की लो-वोल्टेज, पेयजल, नालों की सफाई और पुरानी नहरों के रेनोवेशन का मुद्दा उठा · मरुई में गढ़ई पाटकर किए गए कब्जे में सभी आरोपितों पर कार्रवाई के निर्देश
- बिजली आपूर्ति और लो-वोल्टेज की समस्या का मुद्दा उठा, पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
- शहरी और ग्रामीण ड्रेनों की बेहतर सफाई के निर्देश, पुरानी नहरों के रेनोवेशन के लिए कार्ययोजना बनाने का निर्देश
- मरुई में गढ़ई पाटकर किए गए कब्जे में सभी संलिप्त लोगों पर कार्रवाई के निर्देश, डीएम ने किसानों की समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया
चंदौली। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। बैठक में किसानों ने सिंचाई, बिजली, पेयजल और जल निकासी से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से उठाईं। समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ने बंधी डिवीजन के सहायक अभियंता (एई) को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

माइनर की सफाई नहीं होने पर जताई नाराजगी
किसानों ने बैठक में कटशीला से जमुनीपुर माइनर की लंबे समय से सफाई नहीं होने की समस्या उठाई। किसानों का कहना था कि माइनर की समुचित सफाई नहीं होने से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को तत्काल माइनर की सफाई कराने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बिजली और लो-वोल्टेज की समस्या भी उठी
किसानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और लो-वोल्टेज की समस्या से भी अधिकारियों को अवगत कराया। इसके अलावा जल निगम से संबंधित पेयजल की दिक्कत, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के ड्रेनों की बेहतर सफाई तथा पुरानी नहरों के रेनोवेशन की जरूरत पर भी चर्चा हुई।
डीएम ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर रणनीति और ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी न हो, इसके लिए विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
गढ़ई पर कब्जे में सभी पर कार्रवाई के निर्देश
किसानों ने मरुई गांव में गढ़ई के कुछ हिस्से को पाटकर किए गए अवैध कब्जे का मामला भी उठाया। अधिकारियों ने बताया कि कब्जे में शामिल कुछ लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा चुकी है। इस पर जिलाधिकारी ने मामले में संलिप्त सभी लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समयबद्ध निस्तारण पर जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसान दिवस में प्राप्त शिकायतों को केवल बैठक तक सीमित न रखा जाए, बल्कि प्रत्येक समस्या के निस्तारण की जिम्मेदारी तय करते हुए समयसीमा में कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रतन वर्मा, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता चंद्र प्रभा समेत विद्युत, सिंचाई और कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने किसानों को उनकी समस्याओं के समयबद्ध समाधान का भरोसा दिलाया।

