
संवाददाता-बाबू चौहान
चंदौली। अतिवृष्टि और बाढ़ से हुए नुकसान के मुआवजे समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को उत्तर प्रदेश किसान सभा के आह्वान पर किसानों ने शहाबगंज ब्लॉक मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। किसान सभा के झंडे और बैनर लेकर किसानों ने बाजार में जुलूस निकाला और ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर सभा की। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र खंड विकास अधिकारी को सौंपा गया।
किसानों ने बाढ़ और जलभराव से क्षतिग्रस्त हुए कच्चे मकानों के पीड़ित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देने की मांग की। उनका कहना था कि बीपीएल सूची में नाम नहीं होने के बावजूद वास्तविक रूप से गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जाए। जलभराव से बर्बाद फसलों के लिए तीन हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने और बटाईदार किसानों को भी क्षतिपूर्ति के दायरे में शामिल करने की मांग उठाई गई।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने महंगाई पर रोक लगाने तथा रसोई गैस, चीनी, खाद्य तेल, डीजल और पेट्रोल की कीमतें कम करने की मांग की। समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद, बीज और कृषि दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ महीनों से लंबित वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन का भुगतान तत्काल खातों में भेजने की मांग भी की गई।
किसान सभा ने क्षेत्र के भूसी, भोड़सर, केरायगांव, जेंगुरी, रोहाखी, बरियारपुर, लेहरा और हड़ौरा समेत अन्य गांवों की जर्जर सड़कों की मरम्मत व निर्माण, जल निकासी की समुचित व्यवस्था और आय प्रमाणपत्र में वास्तविक आर्थिक स्थिति को आधार बनाने की मांग की। किसानों ने सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी पर रोक लगाने की भी मांग उठाई।
सभा में किसानों ने बिजली के निजीकरण का विरोध करते हुए फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी लागू करने की मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रदर्शन का नेतृत्व किसान सभा के जिला मंत्री लालचंद सिंह एडवोकेट, मंडल मंत्री नंदलाल और स्वामीनाथ ने किया। जिला अध्यक्ष परमानंद, शंभूनाथ, लालमणि देवी, जयप्रकाश, बदरू, दूजा अंसारी, बडेलाल, छोटेलाल, जयनाथ, रामधर और रिंकू भारती समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। सुरक्षा के मद्देनजर ब्लॉक मुख्यालय पर पुलिस बल तैनात रहा।

