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Chandauli News: राजभाषा के बेहतर इस्तेमाल पर नराकास चंदौली को मिला ‘प्रशंसनीय’ सम्मान, हिंदी कार्यशालाओं, प्रतियोगिताओं और रचनात्मक आयोजनों से कार्यालयी कामकाज में बढ़ा हिंदी का प्रयोग

चंदौली। राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और सरकारी कार्यालयों में इसके प्रभावी प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), चंदौली को गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग ने ‘प्रशंसनीय’ पुरस्कार से सम्मानित किया है। समिति को यह सम्मान कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग और इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों के लिए दिया गया है।

 

नराकास चंदौली से जुड़े विभिन्न कार्यालयों में हिंदी को कामकाज का प्रभावी माध्यम बनाने के लिए समय-समय पर कई गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इनमें हिंदी कार्यशालाएं, विभिन्न प्रतियोगिताएं, रचनात्मक कार्यक्रम और हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करने वाले आयोजन प्रमुख हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के सहज और प्रभावी इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जाता है।

 

समिति के प्रयासों से सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के साथ ही अधिकारियों-कर्मचारियों में राजभाषा के प्रति रुचि और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग की ओर से मिला सम्मान समिति के इन प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

 

नराकास, चंदौली के अध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने सम्मान मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे समिति से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग न केवल राजभाषा के प्रति जिम्मेदारी है, बल्कि आमजन के साथ संवाद को भी अधिक सहज और प्रभावी बनाता है। उन्होंने समिति से जुड़े कार्यालयों से हिंदी के प्रयोग को और व्यापक बनाने का आह्वान किया।

 

समिति के सदस्य सचिव अमित दीक्षित ने गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि ‘प्रशंसनीय’ पुरस्कार से समिति की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। भविष्य में भी कार्यालयों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग, प्रशिक्षण और जागरूकता संबंधी गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिंदी को सरकारी कामकाज का और अधिक प्रभावी माध्यम बनाने के लिए समिति अपने प्रयास जारी रखेगी।

 

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