
चंदौली। मुगलसराय के कैलाशपुरी में पकड़े गए साइबर फ्रॉड मामले की जांच में पुलिस और साइबर टीम को कई चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। साइबर ठग फर्जी कस्टमर केयर नंबर ऐप के जरिये जापानी लोगों को अपना निशाना बनाते थे। उनके खाते से पैसे उड़ाकर चाइनीज खाते में जमा कराया जाता था। फिर वहां से पैसा हवाला के जरिये गैंग के मास्टर माइंड बताए जा रहे मुगलसराय निवासी विनीत पांडेय तक पहुंचता था। पुलिस पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ के साथ ही फरार सरगना की तलाश में जुटी है।
कैलाशपुरी इलाके की बिल्डिंग में पिछले करीब छह महीने से साइबर ठगी के नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक बिहार निवासी रौनक सिंह सिंडिकेट के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। युवकों की भर्ती करने से लेकर उन्हें भुगतान करने तक की जिम्मेदारी उसी के पास थी।
जापानी लोगों को बनाते थे निशाना
जांच में सामने आया कि साइबर ठगों ने एक ऐसा ऐप तैयार किया था, जिसके माध्यम से जापान में रहने वाले लोगों को निशाना बनाया जाता था। कंप्यूटर, लैपटॉप या अन्य तकनीकी समस्या आने पर लोग इस ऐप के जरिये संपर्क करते थे। उन्हें यह कस्टमर केयर सेवा जैसा प्रतीत होता था। संपर्क करने के बाद आरोपियों की ओर से ओटीपी जनरेट कराया जाता था। पुलिस के अनुसार, ओटीपी के माध्यम से आरोपियों द्वारा संबंधित व्यक्ति के बैंक खाते से जुड़ी जानकारी हासिल कर पैसा चाइनीज बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। इसके बाद हवाला के माध्यम से रकम वसरगना तक पहुंचाई जाती थी।
छह माह में बनाया नेटवर्क
पकड़े गए आरोपियों के बिहार निवासी होने और जापानी भाषा बोलने में दक्ष होने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की जानकारी जुटा रही हैं।

