
चंदौली। कम ब्याज दर पर ऋण दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 25 हजार रुपये के इनामी वांछित आरोपी को साइबर सेल और सर्विलांस टीम ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आशीष गैलवार पुत्र स्व. सुखलाल निवासी फर्रुखाबाद के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक लावा प्राइम की-पैड मोबाइल फोन बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार साइबर शिकायतों की जांच में सामने आया था कि गिरोह ‘सत्कार निधि लिमिटेड’ समेत अन्य फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज पर ऋण देने का प्रलोभन देता था। सोशल मीडिया और मोबाइल कॉल के जरिए संपर्क कर लोन स्वीकृत कराने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी, बीमा शुल्क आदि के नाम पर रकम जमा कराई जाती थी। जांच में विभिन्न राज्यों से संबंधित 16 साइबर शिकायतें सामने आईं। करीब 1.42 करोड़ रुपये की संदिग्ध साइबर ठगी की रकम खातों में होल्ड पाई गई।
इस मामले में थाना साइबर क्राइम चंदौली में मुकदमा दर्ज कर 12 जून को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उनके कब्जे से तीन सीपीयू, मॉनीटर, प्रिंटर, 350 पासबुक, 21 रजिस्टर, छह ब्लैंक चेक, फर्जी पहचान पत्र, मोहरें, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद हुए थे। इसी मुकदमे में वांछित आशीष गैलवार की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर 15 सितंबर की रात 9:11 बजे उसे चिनहट, कमिश्नरेट लखनऊ क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने साइबर फ्रॉड के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने और गिरोह के अन्य सदस्यों के संपर्क में रहने की बात स्वीकार की। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
पुलिस ने लोगों से अनजान व्यक्ति या संस्था के झांसे में आकर लोन या निवेश के नाम पर रकम जमा नहीं करने की अपील की है। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है।

