
चंदौली। जिले में लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए थाना चंदौली पुलिस ने एक अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे एवं निशानदेही पर छह चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। गिरोह के सदस्य भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी कर बाइक चोरी करते थे और बाद में उन्हें बिहार में शराब तस्करों को बेच देते थे। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने गिरफ्तारी और बरामदगी के बाबत जानकारी दी।
प्रभारी निरीक्षक बिंदेश्वर प्रसाद पाण्डेय के नेतृत्व में थाना चन्दौली पुलिस टीम वाहन चोरों की तलाश में जुटी थी। इसी क्रम में 6 जून को धरौली-बिहार मार्ग पर चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दो संदिग्ध बाइक सवारों को रोका। पूछताछ में वे वाहन संबंधी कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। तकनीकी जांच और चेसिस नंबर के सत्यापन में दोनों मोटरसाइकिलें चोरी की निकलीं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के कैमूर जनपद निवासी छबीले राजभर और अभिषेक कुमार उर्फ फौजी के रूप में हुई। पूछताछ में दोनों ने बताया कि उनके अन्य साथी भी चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ पीछे आ रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने नवीन मंडी और नवही मार्ग पर घेराबंदी कर तीन अन्य आरोपियों शुभम कुमार, विशाल राय और राहुल राय को भी गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपियों के पास से बरामद मोटरसाइकिलों की जांच में पता चला कि वाहन चन्दौली, सैयदराजा और सकलडीहा थाना क्षेत्रों से चोरी किए गए थे। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने एक अन्य चोरी की बाइक मझवार रेलवे स्टेशन परिसर में खड़ी होने की जानकारी दी। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर वहां से भी एक मोटरसाइकिल बरामद कर ली।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे अस्पताल, कचहरी, रेलवे स्टेशन, बाजार और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों की पहले रेकी करते थे। मौका मिलते ही खड़ी मोटरसाइकिलों को चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद वाहनों की नंबर प्लेट बदल दी जाती थी या हटा दी जाती थी ताकि पहचान न हो सके। इसके बाद चोरी की बाइक बिहार में शराब तस्करों को बेच दी जाती थीं। तस्कर इन वाहनों का इस्तेमाल अवैध शराब की ढुलाई में करते थे और पकड़े जाने की स्थिति में वाहन छोड़कर फरार हो जाते थे।
पुलिस ने गिरोह के कब्जे से छह चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद करते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

