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चकिया विधानसभा में टिकट के इंतजार में दुबले हो रहे प्रत्याशी, घोषणा में देरी से तैयारियों पर पड़ेगा असर

संवाददाताः कार्तिकेय पाण्डेय

चंदौली। यूपी विधान सभा चुनाव की रणभेरी बजने के बाद चंदौली की चकिया विधान सभा में भी सियासी तापमान बढ़ गया है। प्रमुख दलों के संभावित उम्मीदवार टिकट के जुगाड़ में एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। टिकट की घोषणा नहीं होने से उहापोह की स्थिति में हैं। हरी झंडी मिलते ही पूरे दमखम के साथ मैदान में कूद पड़ेंगे। देरी की स्थिति में चुनावी तैयारियों पर असर पड़ने की चिंता सता रही है।

टिकट देने में बसपा आगे बाकी दल पीछे

चकिया विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी को छोड़कर किसी अन्य राजनीतिक दल ने अपने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। ऐसे में दावेदारों को स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। दावेदारों का मानना है कि समय से स्थिति स्पष्ट हो जाती तो चुनावी तैयारियों को धार देने में लग जाते। लेकिन ऐसा नहीं होने से मायूस हैं। चकिया विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों की संख्या सर्वाधिक है। सूत्रों की माने तो इस बार दोनों ही पार्टियां नए चेहरे को मैदान में उतारने की तैयारी में हैं।

2017 के चुनाव में बसपा उम्मीदवार रहे जितेंद्र कुमार एडवोकेट को भाजपा के शारदा प्रसाद ने हरा दिया था। जितेन्द्र एडवोकेट अब सपा से टिकट मांग रहे हैं। बसपा ने इस बार विकास आजाद को अपना प्रत्याशी बनाया है। जबकि भाजपा, सपा और कांग्रेस ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

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