
चंदौली। सकलडीहा निवासी दंपति का 20 साल पुराना सपना आखिरकार पूरा हो गया। सैम हॉस्पिटल और इंदिरा आईवीएफ के संयुक्त प्रयास से दंपत्ति को संतान सुख मिला है। डिलीवरी के बाद जच्चा और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
उन्नत तकनीक से मिली सफलता
दो दशकों से संतान के लिए प्रयासरत दंपति कई जगह इलाज कराने के बाद निराश हो चुके थे। आखिर में उन्होंने सैम हॉस्पिटल और इंदिरा आईवीएफ की टीम से संपर्क किया। आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. अज्मे जहरा ने सटीक निदान और व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की। डॉ. एस जी ईमाम के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने निरंतर निगरानी रखी और अंत में सुखद परिणाम सामने आया।
डॉ. अज्मे जहरा ने बताया कि केस जटिल था, लेकिन आधुनिक आईवीएफ तकनीक और सही समय पर लिए गए निर्णयों से सफलता मिली। डॉ. एस जी ईमाम ने कहा कि व्यक्तिगत देखभाल और टीम वर्क इस उपलब्धि की वजह है।
परिवार में खुशी का माहौल
डिलीवरी सफल रहने के बाद परिवार में जश्न का माहौल है। दंपत्ति ने डॉक्टरों का आभार जताते हुए कहा कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था।
यह मामला उन हजारों दंपत्तियों के लिए उम्मीद की किरण है जो लंबे समय से संतान सुख से वंचित हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, सही परामर्श और उन्नत तकनीक से अब ऐसे जटिल मामलों में भी सफलता संभव है।

