
चंदौली। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चंदौली जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान के तहत विशेष जांच अभियान चलाया। गुरुवार को हुई कार्रवाई में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले दो स्कूली वाहनों को सीज कर दिया गया, जबकि छह वाहनों का चालान किया गया। साथ ही फिटनेस अवधि समाप्त होने वाले वाहनों को लेकर संबंधित स्कूल प्रबंधनों को नोटिस जारी किए गए हैं।
उप जिलाधिकारी सदर विजय त्रिवेदी और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. सर्वेश गौतम के नेतृत्व में सेंट जॉन्स, स्वामी परमहंस और विवेकानंद स्कूल के वाहनों का संयुक्त निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान वाहनों में फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट-एड बॉक्स, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा और इमरजेंसी विंडो समेत अन्य सुरक्षा मानकों की पड़ताल की गई।
निरीक्षण में कई वाहनों में गंभीर खामियां मिलने पर दो वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया गया, जबकि छह वाहनों का चालान किया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया।
परिवहन विभाग के एकीकृत विद्यालय वाहन अनुश्रवण पोर्टल के अनुसार जनपद में कुल 794 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें से 40 वाहनों की फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है। परिवहन विभाग ने संबंधित विद्यालयों को नोटिस जारी करते हुए जल्द से जल्द फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त कराने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर फिटनेस नहीं कराने पर वाहनों का पंजीकरण निलंबित या निरस्त किया जाएगा। अत्यधिक जर्जर और अनफिट वाहनों को रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) के माध्यम से स्क्रैप भी किया जा सकता है।
प्रशासन ने बताया कि उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली-1998 के तहत प्रत्येक विद्यालय में विद्यालय प्राधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग, स्थानीय निकाय और अभिभावकों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जुलाई के प्रथम सप्ताह में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में सभी स्कूल प्रबंधकों और प्राचार्यों की बैठक आयोजित की जाएगी।

