
चंदौली। जनपद में हुए कई जघन्य हत्याकांडों का अब तक खुलासा न हो पाना पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। नए पुलिस कप्तान के कार्यभार संभालने के बाद लोगों की उम्मीदें जरूर बढ़ी हैं, लेकिन पुराने लंबित मामलों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे चर्चित दवा व्यापारी रोहिताश पाल हत्याकांड को पांच महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन मुख्य शूटर अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। इस मामले में पुलिस की 9 विशेष टीमें और एसटीएफ लगातार तलाश में जुटी हैं, इसके बावजूद कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है।
इसके अलावा 10 अगस्त 2024 को मुगलसराय में बाइक मिस्त्री की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। घटना के इतने समय बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
वहीं 25 मई 2024 को अलीनगर क्षेत्र के तारापुर फाटक पर चाय विक्रेता की हत्या के मामले में भी अब तक कोई प्रगति नहीं हो सकी है।
17 सितंबर 2025 को मुगलसराय के दुल्हीपुर में एक बुजुर्ग महिला की ईंट से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात का आरोपी भी अभी तक फरार है।
22 सितंबर 2025 को अलीनगर के बौरी पुलिया के पास आंसू विश्वकर्मा का शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था, लेकिन इस मामले का रहस्य अब तक बरकरार है।
इसी क्रम में अलीनगर के रेउसा नहर क्षेत्र में दीपक पांडे की गला घोंटकर हत्या का मामला भी जांच के अधर में लटका हुआ है। अब देखना होगा कि नए पुलिस कप्तान इन मामलों का खुलासा कर जनता का भरोसा जीत पाते हैं या नहीं।

