
चंदौली। जिले में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए चंदौली कोतवाली पुलिस ने संगठित गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की है। रंगदारी मांगने, जानलेवा हमला करने, मारपीट और तोड़फोड़ जैसी वारदातों में संलिप्तता के आरोपों के मद्देनजर छह लोगों के गिरोह का गैंग पंजीकरण कराया गया है। पुलिस ने गिरोह को जनपद स्तर पर गैंग नंबर 95 आवंटित किया है। अमन सिंह उर्फ शुभम सिंह को गिरोह का सरगना चिह्नित किया गया है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से 28 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरोह की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने और सदस्यों की निगरानी के लिए यह कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के सदस्य संगठित होकर गंभीर अपराधों को अंजाम देने के आरोपों में चिह्नित हैं। इनके खिलाफ उपलब्ध आपराधिक अभिलेखों के आधार पर गैंग पंजीकरण की कार्रवाई की गई।
गिरोह में अमन सिंह उर्फ शुभम सिंह, शुभम पाण्डेय, रितेश सिंह उर्फ रिशू सिंह, सिद्धार्थ सिंह उर्फ आर्यन सिंह, विक्रान्त सिंह और सौरभ सिंह शामिल हैं। इनमें चार आरोपी मझवार गांव के निवासी हैं, जबकि विक्रान्त सिंह महुजी और सौरभ सिंह भोजापुर के निवासी बताए गए हैं।
गैंग लीडर पर 10, अन्य सदस्यों पर भी कई मुकदमे
पुलिस की ओर से जारी आपराधिक विवरण के मुताबिक, अमन सिंह उर्फ शुभम सिंह के खिलाफ 10 मुकदमे दर्ज हैं। शुभम पाण्डेय पर पांच, रितेश सिंह उर्फ रिशू सिंह पर आठ, सिद्धार्थ सिंह उर्फ आर्यन सिंह पर छह, विक्रान्त सिंह पर तीन और सौरभ सिंह पर दो मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। दर्ज मामलों में मारपीट, धमकी, जानलेवा हमले, रंगदारी, शस्त्र अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट से संबंधित प्रकरण शामिल हैं।
कोतवाली पुलिस ने तैयार किया गैंग का रिकॉर्ड
गिरोह के पंजीकरण की कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक बिंदेश्वर पाण्डेय के नेतृत्व में चंदौली कोतवाली पुलिस टीम ने की। पुलिस के मुताबिक, गैंग पंजीकरण के बाद गिरोह की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए आगे भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

