
चंदौली। बलुआ थाना क्षेत्र के बलुआ कस्बा स्थित निषाद बस्ती में मंगलवार को दर्दनाक हादसा हो गया। घर की साफ-सफाई के लिए गंगा किनारे बंजर जमीन से मिट्टी खोद रहीं दो महिलाएं अचानक मिट्टी का टीला ढहने से उसके नीचे दब गईं। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने मिट्टी हटाकर दोनों महिलाओं को बाहर निकाला और उपचार के लिए स्थानीय चिकित्सकों के पास ले गए। वहां चिकित्सकों ने तेतरा देवी (54) को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल लक्ष्मीना देवी (36) को बेहतर इलाज के लिए बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।
अचानक ढह गया मिट्टी का टीला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बलुआ कस्बे की निषाद बस्ती निवासी तेतरा देवी पत्नी छोटन निषाद और लक्ष्मीना देवी पत्नी स्वर्गीय भोनू निषाद मंगलवार को अपने घरों की साफ-सफाई के लिए घर के पास ही गंगा किनारे स्थित बंजर जमीन से मिट्टी निकाल रही थीं। इसी दौरान अचानक मिट्टी का टीला ढह गया और दोनों महिलाएं उसके नीचे दब गईं। महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग तत्काल मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद मिट्टी हटाकर दोनों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद तेतरा देवी को मृत घोषित कर दिया।
लक्ष्मीना की हालत गंभीर, बीएचयू रेफर
हादसे में लक्ष्मीना देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनके एक पैर की हड्डी टूट गई है और कमर में भी गंभीर चोट आई है। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए बीएचयू स्थित ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही बस्ती में मातम छा गया। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतका तेतरा देवी के तीन बेटे नीरज, धीरज और रवि तथा एक बेटी सोनी निषाद हैं। वहीं, घायल लक्ष्मीना देवी के पति भोनू निषाद की आठ महीने पहले ही मृत्यु हो चुकी है। उनके तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। पति की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहीं लक्ष्मीना के गंभीर रूप से घायल होने से बच्चों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है।
मौके पर पहुंचे पुलिस और राजस्वकर्मी
घटना की सूचना मिलने पर बलुआ थानाध्यक्ष संतोष सिंह और क्षेत्रीय लेखपाल सतीश सिंह मौके पर पहुंचे। परिजनों ने तेतरा देवी का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

