
चंदौली। विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की चकिया इकाई ने शनिवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन कर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग को सौंपा। तहसील अध्यक्ष ऋषि सिंह बिसेन के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक लेखपालों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। संघ ने चेतावनी दी कि 22 सितंबर तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो लेखपाल बस्ता जमा कर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेंगे।
तहसील अध्यक्ष ऋषि सिंह बिसेन ने कहा कि लेखपाल राजस्व विभाग की रीढ़ हैं। वे दिन-रात फील्ड में रहकर विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर शासन स्तर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लंबे समय से लंबित मांगों के पूरा नहीं होने से लेखपालों में आक्रोश बढ़ रहा है।
वेतन विसंगति दूर करने समेत प्रमुख मांगें
ज्ञापन में संघ ने अंतर्मंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया तत्काल पूरी करने, चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करने और लेखपाल विभागीय परीक्षा-2024 का परिणाम व प्रमाणपत्र जल्द जारी करने की मांग की।
इसके साथ ही बढ़ती महंगाई को देखते हुए यात्रा भत्ता, स्टेशनरी भत्ता और अन्य भत्तों में वृद्धि करने तथा वर्षों से चली आ रही वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग उठाई गई। संघ ने लेखपालों का प्रारंभिक वेतनमान 28 हजार रुपये निर्धारित करने और अन्य लंबित मांगों को पूरा करने पर भी जोर दिया।
22 सितंबर से बस्ता जमा कर करेंगे कार्य बहिष्कार
लेखपाल संघ ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि 22 सितंबर तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो अतिरिक्त क्षेत्र के कार्यों का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। इसके साथ ही तहसील परिसर में बस्ता जमा कर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। संघ के अनुसार, आंदोलन शुरू होने पर आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र, खतौनी, वरासत सहित राजस्व से जुड़े विभिन्न कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
मांगें जायज, मजबूरी में आंदोलन का रास्ता
अध्यक्ष ऋषि सिंह बिसेन ने कहा कि लेखपाल लगातार अपनी मांगें शासन के सामने रख रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि संघ की मांगें जायज हैं और उनका जल्द समाधान किया जाना चाहिए।

