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CDO ने कान्हा गोशाला और वृहद गौ संरक्षण केंद्र का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं पर जताया संतोष, दिए आवश्यक निर्देश

चंदौली। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) आर. जगत साई ने शुक्रवार को काशीराम आवास पॉकेट-2 के निकट स्थित नवनिर्मित कान्हा गोशाला का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने गोवंशों के चारे, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और साफ-सफाई की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान गोशाला में गर्मी से राहत के लिए लगाए गए कूलर और एयर कूलिंग सिस्टम सुचारु रूप से संचालित मिले। वहीं गोवंशों के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा और हरा चारा भी उपलब्ध पाया गया। सीडीओ ने गोशाला में मौजूद गोवंशों की संख्या का रजिस्टर से मिलान किया, जिसमें कुल 112 गोवंश (नर एवं मादा) दर्ज पाए गए। उन्होंने केयरटेकरों से पशुओं के भोजन, हरे चारे और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।

 

मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में चारे और पानी की कमी के कारण गोवंशों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बरसात और गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए गोशाला परिसर में जलभराव रोकने तथा नियमित साफ-सफाई बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

 

सीडीओ ने पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से गोशालाओं का निरीक्षण करें, गोवंशों का स्वास्थ्य परीक्षण कराएं और समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गोवंशों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई गई तो संबंधित सचिव एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नगर पंचायत चंदौली के अधिशासी अधिकारी को गोशाला का नियमित निरीक्षण कर सभी आवश्यक सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

 

निरीक्षण के दौरान बताया गया कि कान्हा गोशाला में बायोगैस प्लांट स्थापित कर ईंधन एवं जनरेटर के माध्यम से बिजली की व्यवस्था की गई है, जिससे यह गोशाला आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रशासन का लक्ष्य जिले के अन्य गोशालाओं और गो-आश्रय केंद्रों को भी इसी मॉडल पर विकसित करना है।

 

इसके बाद सीडीओ ने कठौड़ी, नियामताबाद स्थित वृहद गौ संरक्षण केंद्र का भी निरीक्षण किया। वहां बायोगैस प्लांट की मरम्मत का कार्य प्रगति पर मिला। उन्होंने संबंधित खंड विकास अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए, ताकि गो संरक्षण केंद्र और समीप स्थित विद्यालय में मिड-डे मील के लिए बायोगैस आधारित ईंधन उपलब्ध कराया जा सके। निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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