
संवाददाता : बाबू चौहान
चंदौली। लगातार हो रही बारिश के बीच रविवार की आधी रात बरांव गांव में एक कच्चा रिहायशी मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में मकान के अंदर रखा गृहस्थी का अधिकांश सामान मलबे में दबकर खराब हो गया। गनीमत रही कि मकान गिरने से कुछ समय पहले ही परिवार के सदस्य बाहर निकल गए थे। इससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। मकान गिरने के बाद परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है और उसे खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ रही है।
बरांव निवासी रामकुंवर गुप्ता ने बताया कि लगातार बारिश के कारण मकान की हालत पहले से कमजोर हो गई थी। रविवार रात अचानक मकान धराशायी हो गया। हादसे के बाद घर में रखे कपड़े, घरेलू सामान और अन्य जरूरी वस्तुएं मलबे में दब गईं। उन्होंने करीब 40 हजार रुपये के सामान के नुकसान का अनुमान जताया है।

रामकुंवर गुप्ता आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से हैं। गांव में छोटी मिठाई की दुकान चलाकर वह परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके परिवार में तीन बेटे और एक बेटी हैं। किसी की शादी अभी नहीं हुई है। मकान गिरने और गृहस्थी का सामान नष्ट होने से परिवार की आर्थिक परेशानी और बढ़ गई है।
बारिश से कमजोर हो गई थीं दीवारें
ग्रामीणों के मुताबिक कई दिनों से लगातार बारिश होने के कारण कच्चे मकान की दीवारें और छत कमजोर हो गई थीं। रात में अचानक मकान गिरने से आसपास के लोगों में भी अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने मलबा हटाने और परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में मदद की। मकान के मलबे में दबा सामान परिवार के सामने आई मुश्किलों को बयां कर रहा है।
प्रधान ने प्रशासन से मांगी आर्थिक सहायता
मकान गिरने की जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान अभय कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने तहसील प्रशासन से तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराकर नुकसान का आकलन कराने तथा पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से परिवार को तत्काल राहत सामग्री और रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए बारिश में मकान और गृहस्थी का उजड़ जाना बड़ी मुसीबत है। अब पीड़ित परिवार प्रशासन की मदद का इंतजार कर रहा है।

