
चंदौली। जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई और अनोखी पहल देखने को मिल रही है। Daddy’s International School ने गर्मी की छुट्टियों के दौरान भी विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने का फैसला लिया है। विद्यालय द्वारा 25 मई से 12 जून तक कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए प्रतिदिन ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
विद्यालय प्रशासन के अनुसार ये ऑनलाइन कक्षाएं सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन सुबह 9 बजे से 11 बजे तक चलेंगी। विद्यार्थी Android App के माध्यम से मोबाइल, लैपटॉप या डेस्कटॉप से कहीं से भी क्लास जॉइन कर सकेंगे।
विद्यालय प्रबंधन ने यह भी बताया कि मई और जून महीने में जिन नए विद्यार्थियों का एडमिशन होगा, वे भी इन ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ उठा सकेंगे। यानी नया सत्र शुरू होने से पहले ही बच्चे पढ़ाई और विद्यालय की शिक्षण प्रणाली से जुड़ना शुरू कर देंगे।
इस पहल को लेकर विद्यालय के संस्थापक डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने कहा कि आज के समय में शिक्षा को केवल स्कूल की चारदीवारी तक सीमित नहीं रखा जा सकता। गर्मी की छुट्टियों में अक्सर बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह रुक जाती है, जिससे उनकी पढ़ाई की निरंतरता टूटती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह विशेष ऑनलाइन क्लास व्यवस्था शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि “बच्चा चाहे दादी के घर हो, नानी के यहां हो या परिवार के साथ कहीं घूमने गया हो, लेकिन रोज दो घंटे पढ़ाई जरूर करेगा। हमारा उद्देश्य है कि बच्चों की शिक्षा लगातार चलती रहे और उनका सीखने का क्रम कभी न टूटे।”
डॉ. विनय प्रकाश तिवारी ने शिक्षा में तकनीक की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आने वाला समय डिजिटल एजुकेशन का है। अब शिक्षा केवल ब्लैकबोर्ड तक सीमित नहीं रही, बल्कि मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से बच्चे कहीं से भी सीख सकते हैं।
उन्होंने कहा कि “Technology आज शिक्षा की सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है। गांव के बच्चे भी अब मोबाइल के माध्यम से बेहतर शिक्षा से जुड़ सकते हैं। हमारा प्रयास है कि चंदौली जिले के बच्चों को भी आधुनिक और टेक्नोलॉजी आधारित शिक्षा मिले।”
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यह पहल केवल ऑनलाइन क्लास शुरू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में अनुशासन, नियमित अध्ययन और समय के सही उपयोग की आदत विकसित करने का प्रयास भी है।
उन्होंने कहा कि “गर्मी की छुट्टियां बच्चों के आराम के लिए जरूरी हैं, लेकिन पढ़ाई से पूरी तरह दूरी बन जाना सही नहीं है। यदि बच्चा रोज केवल दो घंटे भी पढ़ाई करता है तो उसका शैक्षणिक प्रवाह बना रहता है। हमारी कोशिश है कि हर बच्चा छुट्टियों के बाद पहले से अधिक तैयार होकर स्कूल लौटे।” इस पहल को लेकर अभिभावकों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। कई अभिभावकों ने विद्यालय के इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे आधुनिक समय की आवश्यकता बताया।
एक अभिभावक ने कहा, “आजकल बच्चे मोबाइल पर समय तो बिताते ही हैं, लेकिन अब वही मोबाइल पढ़ाई का माध्यम बनेगा। यह बहुत अच्छी पहल है।” वहीं एक अन्य अभिभावक ने कहा, “छुट्टियों में बच्चे अक्सर पढ़ाई से दूर हो जाते हैं। अब चाहे बच्चा गांव में दादी के यहां हो या नानी के यहां, उसकी पढ़ाई जारी रहेगी। इससे बच्चों का समय भी सही दिशा में लगेगा।”

