
चंदौली। सूबे में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर चल रही अटकलों के बीच आरक्षण को लेकर सरकार की ओर से पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन करने के बाद अब चुनाव की संभावनाएं कमजोर पड़ गई है। मसलन अब आयोग की रिपोर्ट के बाद ही चुनाव संभव हो पाएंगे। ऐसे में पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाने को लेकर जहां ग्राम प्रधानों में हाय तौबा मची है वही शासन की ओर से भी अभी अनिश्चय की स्थिति बनी हुई है। माना जा रहा है कि 26 मई को ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त किए जा सकते हैं।
नहीं बढ़ेगा कार्यकाल
पंचायती राज अधिनियम के तहत ग्राम प्रधान का कार्यकाल सामान्यत : 5 वर्ष का होता है। अधिनियम में सीधे तौर पर कार्यकाल बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि किन्हीं अपरिहार्य कारणों (जैसे चुनाव में देरी) से चुनाव संपन्न नहीं हो पाते हैं, तो सरकार पंचायत संचालन के लिए प्रशासकीय समिति नियुक्त करती है।
10 जून को सूची का अंतिम प्रकाशन
शासन ने पंचायत मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि 10 जून निर्धारित कर दी है। इसके मद्देनजर जिला निर्वाचन अधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने मातहतों को आवश्यक निर्देश जारी किए है। इसके तहत त्रिस्तरीय पंचायतों की निर्वाचक नामावली का वृहद् पुनरीक्षण का कार्य कराया जाएगा। मतदाताओं के Deduplication व कम्प्यूटरीकरण की कार्यवाही 28 मई तक की जाएगी।
मतदाताओं का होगा सत्यापन
मतदाता सूची के अनन्तिम प्रकाशन के उपरान्त समान रूप से प्रदर्शित हो रहे मतदाताओं के नामों के सत्यापन व जांचोंपरान्त विलोपन के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत Deduplication से सम्बन्धित कार्य होंगे।

