
चंदौली। डीआईजी वैभव कृष्ण ने बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा को लेकर अहम बैठक की। इस दौरान अधिकारियों से अपराध, मामलों के निस्तारण, तस्करी पर कार्रवाई आदि के बाबत विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने टॉप-10 अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों की पैनी निगरानी और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मातहतों को चेताया कि जिले में कानून व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

बैठक में गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई को और तेज करने पर विशेष जोर दिया गया। डीआईजी ने निर्देश दिया कि जिले में सक्रिय माफियाओं, शातिर अपराधियों और संगठित गिरोहों की अवैध संपत्तियों की पहचान कर उनकी जब्ती की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने हत्या, लूट, महिला अपराध, पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर मामलों में फरार चल रहे आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। साथ ही लंबित विवेचनाओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर भी बल दिया गया।

समीक्षा बैठक के दौरान भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डीआईजी ने कहा कि भूमि कब्जा, अवैध निर्माण और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाए। साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए थाना स्तर पर सतर्कता बढ़ाने तथा ऑनलाइन ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
इसके अलावा अवैध शराब कारोबार, मादक पदार्थों की तस्करी और गो-तस्करी के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। डीआईजी ने टॉप-10 अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों और इनामी बदमाशों की लगातार निगरानी रखने तथा उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की भी विस्तृत समीक्षा की गई। ‘जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट’ योजना के तहत सड़क हादसों को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने तथा ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। वहीं दंगा नियंत्रण उपकरणों की भौतिक जांच कर उनकी उपलब्धता और कार्यक्षमता का भी परीक्षण किया गया। अंत में डीआईजी ने सभी अधिकारियों से संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ कार्य करने की अपील करते हुए अपराध नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।

