
- बड़े संस्थानों में चार अलग-अलग रंग के डस्टबिन रखना अनिवार्य
- नियम तोड़ने पर संस्थानों से वसूली जाएगी पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति
- अस्पताल, होटल, बड़े अपार्टमेंट, स्कूल, कॉलेज पर प्रशासन की नजर
- जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने स्पेशल सेल की बैठक में दिए कड़े निर्देश
चंदौली। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली (एसडब्ल्यूएम रूल्स-2026) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में गठित ‘स्पेशल सेल’ की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के सभी बल्क वेस्ट जनरेटर्स जैसे बड़े अपार्टमेंट, होटल, मैरिज हॉल, अस्पताल, शिक्षण संस्थान एवं अन्य बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का तत्काल चिन्हीकरण किया जाए। इन सभी संस्थानों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक चिन्हित बल्क वेस्ट जनरेटर को अपने परिसर में कूड़े के पृथक्करण और वैज्ञानिक निस्तारण के लिए चार अलग-अलग रंग के डस्टबिन अनिवार्य रूप से स्थापित करने होंगे। इनमें सूखे कचरे (ड्राई वेस्ट), गीले कचरे (वेट वेस्ट), सैनिटरी वेस्ट तथा स्पेशल केयर वेस्ट के लिए अलग-अलग डस्टबिन रखना आवश्यक होगा। इसका उद्देश्य स्रोत पर ही कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने चेतावनी दी कि यदि कोई बल्क वेस्ट जनरेटर नियमों का उल्लंघन करता है अथवा कूड़े का उचित प्रबंधन नहीं करता है तो संबंधित स्थानीय निकाय द्वारा उसके विरुद्ध पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति शुल्क (भारी जुर्माना) लगाया जाएगा। नियमों के उल्लंघन पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिया कि नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन और जागरूकता के लिए सभी चिन्हित बल्क वेस्ट जनरेटर्स के हितधारकों के साथ अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की अध्यक्षता में विशेष बैठक आयोजित की जाए। इसमें संस्थानों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2026 की विस्तृत जानकारी देकर अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
बैठक में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी, नगरीय निकायों के अधिशासी अधिकारी तथा स्पेशल सेल के सदस्य उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल जनपद बनाने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन हर हाल में सुनिश्चित कराया जाएगा।

