
- वर्ष 2025-26 के उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर होगा चयन, हर जिले से चुनी जाएंगी सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायतें
- डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने बीडीओ और एडीओ (पंचायत) को दिए निर्देश, सीएम अवार्ड पोर्टल पर समयबद्ध आवेदन और पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर जोर
- 15 जुलाई से 16 अगस्त 2026 तक सीएम अवार्ड पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन
- प्रत्येक विकास खंड की कम से कम 15% ग्राम पंचायतों का आवेदन अनिवार्य
- आवेदन दो चरणों में-बेसिक प्रश्नावली और 100 अंकों की मुख्य प्रश्नावली
- जिला स्तरीय समिति करेगी परीक्षण और तीन गुना पंचायतों का स्थलीय सत्यापन
- प्रत्येक जिले से सर्वश्रेष्ठ 5 ग्राम पंचायतों की संस्तुति राज्य सरकार को भेजी जाएगी
- पुरस्कार के लिए न्यूनतम 45% अंक अनिवार्य, चयनित पंचायतों को पुरस्कार राशि सीधे खाते में मिलेगी, सीएम करेंगे सम्मानित
चंदौली। मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में सम्मानित किया जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने जनपद के सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) एवं सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) को शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में पंचायत सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत ग्राम पंचायतों द्वारा किए गए विकास कार्यों, नवाचारों, जनसहभागिता और सुशासन के आधार पर उनका मूल्यांकन कर पुरस्कृत किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और ग्राम पंचायतों को सीएम अवार्ड पोर्टल पर अपने लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड के माध्यम से आवेदन करना होगा।
उन्होंने बताया कि आवेदन दो चरणों में होंगे। पहले चरण में ग्राम पंचायतों को बेसिक प्रश्नावली सफलतापूर्वक पूर्ण करनी होगी। इसके बाद ही वे नौ विषयों पर आधारित 100 अंकों की मुख्य प्रश्नावली भर सकेंगी। पंचायतों को वर्ष 2025-26 में किए गए कार्यों के साक्ष्य अपलोड करते हुए स्वयं मूल्यांकन करना होगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक विकास खंड की कम से कम 15 प्रतिशत ग्राम पंचायतों का आवेदन करना अनिवार्य होगा। जनपद स्तरीय परफॉर्मेंस असेसमेंट समिति (डीपीएसी) सभी ऑनलाइन आवेदनों की जांच करेगी तथा पुरस्कार के लिए प्रस्तावित पंचायतों की संख्या से कम से कम तीन गुना पंचायतों का स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक जिले से सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली पांच ग्राम पंचायतों का चयन कर उनकी संस्तुति राज्य स्तरीय समिति को भेजी जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरस्कार के लिए न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इससे कम अंक प्राप्त करने वाली ग्राम पंचायतों पर पुरस्कार के लिए विचार नहीं किया जाएगा। जिन पंचायतों को पूर्व वर्षों में दो बार पुरस्कार मिल चुका है, वे इस वर्ष आवेदन तो कर सकेंगी, लेकिन पात्र पाए जाने पर उन्हें केवल प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। ऐसी पंचायतें पांच वर्ष बाद पुनः पुरस्कार राशि के लिए पात्र होंगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि 15 जुलाई से 16 अगस्त 2026 तक ग्राम पंचायतों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किए जाएंगे। इसके बाद जिला स्तरीय समिति आवेदन का परीक्षण, सत्यापन और अंतिम संस्तुति की प्रक्रिया पूरी करेगी। राज्य स्तर पर निदेशक पंचायती राज के माध्यम से सभी जिलों की पंचायतों का मूल्यांकन कर अंतिम सूची तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पुरस्कार राशि का निर्धारण उपलब्ध बजट के आधार पर राज्य परफॉर्मेंस असेसमेंट समिति (एसपीएसी) करेगी। चयनित ग्राम पंचायतों के खातों में पुरस्कार राशि ऑनलाइन हस्तांतरित की जाएगी तथा उन्हें मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित सम्मान समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ, एडीओ (पंचायत), ग्राम पंचायत अधिकारियों, ग्राम विकास अधिकारियों और ग्राम प्रधानों से शासन द्वारा निर्धारित समयसीमा का पालन करते हुए अधिकाधिक ग्राम पंचायतों का आवेदन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आवेदन प्रक्रिया, अभिलेखों की प्रमाणिकता और स्थलीय सत्यापन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

