
चंदौली। उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रदेशव्यापी “साइ-वज्र” अभियान के तहत चंदौली पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। साइबर सेल, साइबर क्राइम थाना और जनपद के विभिन्न थानों की संयुक्त टीमों ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर 14 आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की, जिनमें से 12 को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों का संबंध देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज 51 साइबर शिकायतों से है, जिनमें लगभग 1.80 करोड़ रुपये की संदिग्ध धनराशि का लेनदेन मिला है। इनमें से करीब 1.40 करोड़ रुपये को होल्ड (लीन) कराया जा चुका है।
पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान में अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र के निर्देशन में कार्रवाई की गई। साइबर सेल, साइबर क्राइम थाना और अन्य थानों से कुल नौ विशेष टीमों का गठन किया गया था, जिन्होंने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसा।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में चंदौली के अलावा झांसी, फर्रुखाबाद और वाराणसी से जुड़े लोग भी शामिल हैं। इनके खिलाफ जनपद के विभिन्न थानों में कुल 11 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जांच में पता चला कि आरोपी म्यूल बैंक खातों, संदिग्ध मोबाइल नंबरों, एटीएम निकासी, चेक के माध्यम से धन निकासी और एनसीएमईसी (टिपलाइन) से जुड़े मामलों में सक्रिय थे।
पूछताछ और तकनीकी जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी निवेश (इन्वेस्टमेंट), ऑनलाइन ट्रेडिंग, गेमिंग और टास्क पूरा कराने के नाम पर लोगों को व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुपों के माध्यम से झांसे में लेते थे। साइबर ठगी से प्राप्त रकम विभिन्न बैंक खातों में मंगाकर एटीएम और चेक के जरिए निकाली जाती थी। कुछ मामलों में म्यूल खाते खुलवाकर उन्हें कमीशन के बदले साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया जाता था। वहीं, एक मामले में मोबाइल फोन में अश्लील फोटो और वीडियो का भंडारण एवं अपलोड करने से संबंधित अपराध भी सामने आया, जिसमें पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-डी, 66-बी सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में कार्रवाई की है। पूरे मामले की विवेचना साइबर क्राइम थाना द्वारा की जा रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
चंदौली पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के ऑनलाइन निवेश, ट्रेडिंग, गेमिंग, पार्ट-टाइम जॉब या अधिक मुनाफे के झांसे में आकर अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति को कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता उपलब्ध न कराएं। यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार हों तो तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें। साथ ही निकटतम थाने या साइबर हेल्प डेस्क से भी संपर्क कर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।

