
चंदौली। विकासखंड शहाबगंज की ग्राम सभा मसोई के गोविंदीपुर गांव स्थित हरिजन बस्ती में करीब 130 मीटर लंबी गली पिछले पांच वर्षों से बदहाली का दंश झेल रही है। बारिश के दिनों में गली में कीचड़ और जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि लोगों का पैदल आवागमन मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद गली की समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया।
ग्रामीणों के अनुसार लक्ष्मण राम के घर से रामकरन के घर तक करीब 130 मीटर लंबी और चार मीटर चौड़ी यह गली बस्ती के लोगों के लिए प्रमुख आवागमन मार्ग है। इसी रास्ते से बच्चे स्कूल जाते हैं और ग्रामीण रोजमर्रा के काम के लिए आवागमन करते हैं। गली में जगह-जगह कीचड़ जमा रहने से लोगों को फिसलने और कपड़े खराब होने की समस्या का सामना करना पड़ता है।
बारिश में रास्ता बन जाता है दलदल
ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य दिनों में भी गली की हालत खराब रहती है, लेकिन बारिश होते ही स्थिति और विकट हो जाती है। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क पर पानी और कीचड़ जमा हो जाता है। इससे पूरी गली दलदल में तब्दील हो जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि मजबूरी में उन्हें इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है।
सीसी रोड के बोर्ड ने उठाए सवाल
मामले में नया सवाल उस समय खड़ा हुआ, जब गली के किनारे निर्माण कार्य से संबंधित बोर्ड लगा मिला। बोर्ड पर करीब 130 मीटर लंबी और चार मीटर चौड़ी गली के सीसी निर्माण का उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि मौके पर सीसी रोड का निर्माण हुआ ही नहीं है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के नाम पर धनराशि स्वीकृत अथवा जारी होने के बावजूद धरातल पर काम नहीं कराया गया और केवल निर्माण का बोर्ड लगा दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्रामीण कुंदन, दशरथ, चंद्रशेखर, रामकरन, लक्ष्मण, जगदीश और प्रदुम समेत अन्य लोगों ने सवाल उठाया कि यदि गली निर्माण के लिए धन स्वीकृत हुआ है तो काम क्यों नहीं हुआ? वहीं, यदि निर्माण नहीं कराया गया तो कार्य का बोर्ड किस आधार पर लगाया गया? ग्रामीणों ने अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कराने के साथ ही स्वीकृत कार्य, निर्माण की माप, अभिलेखों और भुगतान से संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।
उनका कहना है कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों ने मांग की कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और गली का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए।

