
चंदौली। सैयदराजा थाना क्षेत्र के बरठी-कमरौर रेलवे फाटक को बंद करने की रेलवे की तैयारी के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को रेलवे द्वारा फाटक के पास दीवार निर्माण शुरू कराए जाने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में महिलाएं मौके पर पहुंच गईं और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे प्रशासन के फैसले को जनहित के खिलाफ बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि बरठी-कमरौर रेलवे फाटक क्षेत्र के कई गांवों के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख मार्ग है। यदि इसे बंद कर दिया गया तो छात्रों, बुजुर्गों, मरीजों और किसानों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा, वहीं आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी देरी हो सकती है। किसानों ने भी आशंका जताई कि खेतों तक पहुंचने और कृषि उपज के परिवहन में कठिनाई बढ़ जाएगी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि रेलवे फाटक बंद करने के प्रस्ताव का विरोध पहले भी किया जा चुका है। ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक सुशील सिंह और चंदौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग को ज्ञापन सौंपकर फाटक बंद न किए जाने की मांग की थी। इसके बावजूद अब तक रेलवे विभाग की ओर से कोई लिखित जवाब या स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया गया है।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं और ग्रामीणों ने कहा कि यदि सुरक्षा कारणों से फाटक बंद करना रेलवे की मजबूरी है तो पहले लोगों के आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनकी मांग है कि फाटक बंद करने से पहले वहां फुट ओवर ब्रिज या अन्य सुरक्षित मार्ग का निर्माण कराया जाए, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी करते हुए रेलवे फाटक को बंद किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक फाटक का मुद्दा नहीं, बल्कि हजारों लोगों की दैनिक आवाजाही और जीवन से जुड़ा विषय है। ऐसे में रेलवे प्रशासन जनभावनाओं का सम्मान करते हुए निर्णय पर पुनर्विचार करे।

