
चंदौली। पुलिस ने अपराधियों और फरार अभियुक्तों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए पॉक्सो एक्ट के मामले में 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले करीब 13 वर्षों से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।
पुलिस के अनुसार वर्ष 2013 में मुगलसराय थाना क्षेत्र की निवासी एक महिला ने अपनी नाबालिग पुत्री के साथ छेड़खानी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में रंजन सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। तहरीर के आधार पर थाना मुगलसराय में मुकदमा संख्या 320/2013 के तहत धारा 354(क), 504, 506 भारतीय दंड संहिता तथा 7/8 पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद ही वह फरार हो गया। लगातार गिरफ्तारी से बचते रहने के कारण उसके विरुद्ध न्यायालय में मफरूरी आरोप पत्र दाखिल किया गया। बाद में 11 जुलाई 2022 को न्यायालय द्वारा उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया गया। गिरफ्तारी न होने पर पहले 25 हजार रुपये और बाद में पुलिस उपमहानिरीक्षक स्तर से बढ़ाकर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।
पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र वैभव कृष्ण के निर्देशन में गठित टीम लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। इसी क्रम में 20 जून 2026 को थाना मुगलसराय पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि इनामी आरोपी गोबरिया प्लांट डिपो क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर उपनिरीक्षक शिव पूजन बिन्द और कांस्टेबल अमित कुमार ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद वह गिरफ्तारी के डर से घर छोड़कर हिमाचल प्रदेश चला गया था, जहां मजदूरी और अन्य कार्य कर जीवनयापन कर रहा था। उसे लगा कि मामला पुराना हो चुका है, इसलिए वह वापस घर लौट आया, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी रंजन सिंह पुत्र राजेश्वर सिंह, निवासी गोबरिया, थाना मुगलसराय, जनपद चन्दौली है। पुलिस द्वारा उसके विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

