
चंदौली। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को कर-करेत्तर एवं राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की राजस्व वसूली की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने खराब प्रदर्शन और लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति में किसी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा के दौरान कार्य में लापरवाही और अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। बैठक में शिथिलता पाए जाने पर एसडीएम सदर को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। वहीं बैठक में अनुपस्थित रहने पर अधिशासी अधिकारी पीडीडीयू नगर का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता के अनुरूप सभी विभागों को चालू वित्तीय वर्ष में निर्धारित राजस्व वसूली का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना होगा। उन्होंने सिंचाई, वन और लोक निर्माण विभाग की वसूली की स्थिति को बेहद खराब बताते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिए। चेतावनी दी कि अगली समीक्षा बैठक तक अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने व्यापार कर, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, आबकारी, खनन और विद्युत विभाग के अधिकारियों को राजस्व वसूली में तेजी लाने तथा निर्धारित वार्षिक लक्ष्य समय से पूरा करने को कहा। डीएम ने कहा कि प्रत्येक माह विभागवार राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया जाता है। अधिकारी नियमित समीक्षा कर कमियों को दूर करें और लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को तहसीलों में लंबित राजस्व वादों और नामांतरण के मामलों के त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और संबंधित अधिकारी नियमित रूप से इसकी निगरानी करें।
डीएम ने कलेक्ट्रेट और तहसील स्तर पर नियमित अनुश्रवण व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ काम करते हुए राजस्व वसूली की गति बढ़ाने को कहा, ताकि जिले की रैंकिंग बेहतर हो सके। बैठक में अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार, एसडीएम आकांक्षा सिंह समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

