
चंदौली। भारत की जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की पांचवीं बैठक हुई। जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनसंख्या गणना की तैयारियों, प्रगणकों के प्रशिक्षण और स्व-गणना की व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में उप निदेशक जनगणना अजय कुमार ने बताया कि जनगणना संवैधानिक प्रक्रिया है, जो संविधान के अनुच्छेद 246 के तहत संघ सूची और जनगणना अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के अनुसार संचालित होती है। उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 का दूसरा चरण यानी जनसंख्या गणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक चलेगा। इसके बाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक रिवीजन यानी सत्यापन का कार्य किया जाएगा।

इस बार जनगणना में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। मोबाइल ऐप के माध्यम से आंकड़ों का संग्रहण किया जाएगा। साथ ही पहली बार आम लोगों को स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा भी मिलेगी। इसके माध्यम से लोग निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। जनगणना के दौरान परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर कुल 40 प्रश्न पूछे जाएंगे।
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनगणना के दौरान नागरिकों से किसी भी प्रकार का दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा। नागरिकों की ओर से मौखिक रूप से अथवा स्व-गणना के माध्यम से उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर ही प्रपत्र में विवरण दर्ज किया जाएगा।
उन्होंने स्व-गणना को लेकर दिनवार रणनीति तैयार करने और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। बैठक में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण, गणना ब्लॉकों के गठन तथा सामान्य, संस्थागत और बेघर परिवारों की गणना की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी एवं जिला जनगणना अधिकारी, जिला स्तरीय समिति के सदस्य, सभी उप जिलाधिकारी तथा चार्ज अधिकारी उपस्थित रहे।

