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जनगणना 2026: रेवसा आईटीआई में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, 8 से 10 अक्टूबर तक प्रगणक और पर्यवेक्षक लेंगे प्रशिक्षण

चंदौली। भारत की जनगणना 2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर जिले में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), रेवसा में गुरुवार से प्री-टेस्टिंग/पोस्ट-न्यूमरेशन (पीई) प्रक्रिया के प्रथम स्लॉट का तीन दिवसीय मास्टर प्रशिक्षण शुरू हुआ। प्रशिक्षण 8 से 10 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को मास्टर ट्रेनर्स द्वारा जनगणना से संबंधित प्रक्रिया, आंकड़े दर्ज करने की तकनीक और सावधानियों की जानकारी दी जा रही है।

 

प्रशिक्षण कार्यक्रम जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इस दौरान जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

 

जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि जनगणना के दौरान आंकड़ों को पूरी सावधानी और सटीकता के साथ दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना महज आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि देश और जिले के भविष्य की विकास योजनाओं के लिए इसका महत्वपूर्ण आधार है। जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर विभिन्न सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में मदद मिलती है।

उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण में परिवार के प्रत्येक सदस्य से जुड़े सामाजिक और आर्थिक पहलुओं की जानकारी जुटाई जाएगी। इस प्रक्रिया में कुल 40 प्रश्न शामिल किए गए हैं। प्रगणकों को निर्देश दिया गया कि ऐप अथवा निर्धारित फॉर्म में सभी 40 प्रश्नों की प्रविष्टि अनिवार्य रूप से पूरी की जाए। किसी भी प्रश्न को अधूरा छोड़ने अथवा गलत जानकारी दर्ज करने से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया।

 

एडीएम राजेश कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि इस बार जनगणना प्रक्रिया में डिजिटल माध्यम और मोबाइल एप का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आंकड़ों की प्रविष्टि को अधिक व्यवस्थित, तेज और त्रुटिरहित बनाना है। प्रशिक्षण में कर्मचारियों को डिजिटल प्रक्रिया के विभिन्न चरणों और डेटा दर्ज करने के तरीके समझाए जा रहे हैं।

 

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी जनगणना टीम का सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि जब प्रगणक घर पहुंचे तो परिवार के सभी सदस्यों से संबंधित 40 सवालों के सही और सटीक जवाब उपलब्ध कराएं। प्रशासन का कहना है कि नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से जनगणना के आंकड़ों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बेहतर होगी।

 

 

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