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चंदौलीप्रशासन एवं पुलिसराज्य/जिला

पंचायत चुनाव तक प्रशासकों के हाथ में गांवों की बागडोर, जानिए कैसी होगी व्यवस्था

चंदौली। ग्राम पंचायतों में अब प्रधानों की नहीं चलेगी। जब तक चुनाव नहीं हो जाते प्रशासकों के हाथ में गांवों की बागडोर होगी। शनिवार से एडीओ ही पंचायतों का पूरा कामकाज देखेंगे। पंचायत चुनाव मार्च तक संपन्न होने की संभावना है। यानी तीन महीने तक प्रधानों का पद रिक्त रहेगा। सहायक विकास अधिकारियों की देखरेख में विकास कार्य कराए जाएंगे। किसी तरह की गड़बड़ी पर पर सीधे एडीओ पर ही गाज गिरेगी।
प्रधानों के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार खत्म हो गए हैं। ऐसे में गांवों में विकास कार्यों को जारी रखने के लिए एडीओ को ग्राम पंचायतों का प्रशासक बनाया गया है।प्रदेश को चार भागों में बांटकर चुनाव कराने पर विचार चल रहा है। इस बार ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव एक ही साथ कराए जाएंगे। फरवरी माह के प्रथम सप्ताह में चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा की जा सकती है। सरकार मार्च के अंत तक चुनाव संपन्न कराकर नई पंचायतों के गठन की योजना बना रही है। हालांकि गांवों में जो विकास कार्य चल रहे हैं वह जारी रहेंगे। मनरेगा योजना के तहत होने वाले कार्य कराए जाएंगे। मनरेगा कार्यों पर ग्राम पंचायत का सीधा नियंत्रण नहीं है। प्रशासक के रूप में नियुक्त एडीओ को इसकी निगरानी करनी होगी। इसके अलावा चुनाव के वक्त मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं बहाल करानी होंगी। शासन की ओर से प्रशासकों को चेकर नामित किया जाएगा। इसके बाद पंचायत राज विभाग स्वराज पोर्टल पर चेकर का पंजीकरण कराएगा। इस बाबत जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद शासन की मंशा के अनुरूप सहायक विकास अधिकारी ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए गए हैं। ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों पर अधिकारियों की नजर रहेगी।

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