
चंदौली। मुगलसराय में सड़क चौड़ीकरण परियोजना की जद में आ रहे भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 25 मई को निर्धारित की गई है। हाईकोर्ट के इस आदेश से प्रभावित व्यापारियों और भवन स्वामियों को फिलहाल बड़ी राहत मिली है।
मामले की सुनवाई माननीय न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव और गरिमा प्रसाद की डिवीजन बेंच ने की। सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित अधिकारियों से सड़क चौड़ीकरण और ध्वस्तीकरण कार्रवाई के संबंध में जारी निर्देशों (Instructions) को अगली तारीख पर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि अगली सुनवाई तक संबंधित निर्देश प्रस्तुत नहीं किए गए, तो जिलाधिकारी चंदौली को स्वयं रिकॉर्ड के साथ न्यायालय में उपस्थित होना पड़ेगा। अदालत के इस सख्त रुख को प्रशासनिक कार्रवाई पर महत्वपूर्ण टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है।
याचिका दाखिल करने वाले व्यापारियों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर उनके भवनों को तोड़े जाने की कार्रवाई की जा रही थी, जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। व्यापारियों के अनुसार, बुधवार को सुनवाई के बाद न्यायालय के आदेश की जानकारी अधिकारियों को मौखिक रूप से दी गई, लेकिन इसके बावजूद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रखी गई।
बताया जा रहा है कि नगर क्षेत्र में चल रही इस कार्रवाई के खिलाफ कुल 22 व्यापारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिकाकर्ताओं ने प्रशासन की कार्रवाई को मनमाना बताते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की थी। हाईकोर्ट द्वारा 25 मई तक ध्वस्तीकरण पर रोक लगाए जाने के बाद व्यापारियों में राहत का माहौल है। अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस मामले में आगे की दिशा तय होगी।

